|
चीन ने अमरीकी राजदूत को तलब किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
निर्वासित तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को अमरीका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने के विरोध में चीन ने अमरीकी राजदूत को तलब किया है. चीन ने दलाई लामा को यह सम्मान दिए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है. चीन ने बीजिंग में नियुक्त अमरीकी राजदूत को शुक्रवार को अपना विरोध व्यक्त करने के लिए तलब किया है. चीन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा है कि अमरीका ने दलाई लामा को यह सम्मान देकर अमरीका और चीन के बीच के संबंधों की उपेक्षा की है. चीनी प्रवक्ता ने कहा कि अमरीका ने ऐसा करके चीन के अंदरूनी मामलों में दखल देने की कोशिश की है. सम्मान या कूटनीति ग़ौरतलब है कि निर्वासित तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को अमरीका ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने दलाई लामा को गोल्ड मैडल देकर सम्मानित किया और उनके साथ सार्वजनिक रूप से नज़र भी आए. दलाई लामा को यह पुरस्कार देते हुए अमरीकी राष्ट्रपति ने चीन से अपील की थी कि वो दलाई लामा के साथ बातचीत शुरू करे. उल्लेखनीय है कि चीन की सेना ने 1951 में तिब्बत पर कब्जा कर लिया था और तब से चीन पर तिब्बत में मानवाधिकार हनन के आरोप लगते रहे हैं. हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि दलाई लामा को सम्मानित करना अमरीका का कूटनीतिक क़दम है और वह इसके ज़रिए ईरान और उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चीन का सहयोग हासिल करना चाहता है. | इससे जुड़ी ख़बरें दलाई लामा ने की बुश से मुलाक़ात17 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना अमरीका दौरे से नाख़ुश चीन16 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना दलाई लामा चुनने में चीन की भूमिका बढ़ी01 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना दलाई लामा से मिले प्रधानमंत्री हावर्ड15 जून, 2007 | पहला पन्ना चीन में पंचेन लामा नज़र आए13 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||