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दलाई लामा ने की बुश से मुलाक़ात | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तिब्बत के निर्वासित आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने चीन की चेतावनी के बावजूद व्हाइट हाउस में अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मुलाक़ात की है. चीन ने चेतावनी दी थी कि अगर अमरीका दलाई लामा से मिलता है तो अमरीका के साथ उसके संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. चीन उस समारोह से भी नाराज़ है जो बुधवार को अमरीकी कांग्रेस में लामा के सम्मान में आयोजित हो रहा है. इस समारोह में राष्ट्रपति बुश भी मौजूद होंगे और दलाई लामा को अमरीका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान कांग्रेसनल गोल्ड मेडल दिया जाएगा. चीन के विदेश मंत्री यांग जिचे ने अमरीका से इस समारोह को निरस्त करने की मांग रखी थी और कहा था कि यह चीन के अंदरुनी मामलों में हस्तक्षेप है. हालांकि व्हाइट हाउस की प्रवक्ता डाना पेरिनो ने कहा कि दलाई लामा और राष्ट्रपति बुश की बैठक राष्ट्रपति के निजी कमरे में हुई और इसका उद्देश्य चीन को उकसाना नहीं था. चीन ने 1951 में तिब्बत पर कब्ज़ा कर लिया था और तब से यहां चीन का शासन है. संवाददाताओं का कहना है कि दलाई लामा की अमरीका यात्रा संवेदनशील समय में हुई है. ऐसे समय में जब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी बीजिंग में अगले पांच साल के राजनीतिक कार्यक्रम की रुपरेखा तैयार कर रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें चीन से क्या मिला भारत को?24 जून, 2003 | पहला पन्ना तिब्बत चीन का हिस्सा: भारत24 जून, 2003 | पहला पन्ना चीन में पंचेन लामा नज़र आए13 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना दलाई लामा से मिले प्रधानमंत्री हावर्ड15 जून, 2007 | पहला पन्ना दलाई लामा चुनने में चीन की भूमिका बढ़ी01 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना अमरीका दौरे से नाख़ुश चीन16 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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