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अमरीकी जासूसों के लिए ए-स्पेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने अपने जासूसों, एजेंटों और अन्य कर्मचारियों के लिए एक ऐसा इंटरनेट नैटवर्क मंच बनाने का इरादा किया है जिसके ज़रिए वे लोग सुरक्षित तरीके से एक दूसरे से संपर्क साध सकें और ज़रूरी ख़ुफ़िया जानकारी का भी आदान-प्रदान कर सकें. फ़िनेंशियल एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार यह नेटवर्क मंच काफ़ी लोकप्रिय हो चुके फ़ेसबुक, माइ स्पेस और ओरकुट जैसे नेटवर्क मंचों की तरह का होगा और सीआईए इस मंच को नाम देगा - ए-स्पेस. अधिकारियों का विश्वास है कि इस नेटवर्क मंच के ज़रिए सीआईए के एजेंट ज़्यादा सुरक्षित और बेहतर तरीके से सूचनाओं का विश्लेषण कर सकेंगे. लेकिन भेस बदलकर और पहचान छुपाकर या पहचान बदलकर काम करने वाले जासूसों और एजेंटों की मुश्किलों को देखते हुए इस मंच की सदस्यता हासिल करना उनके लिए ऐच्छिक बनाया जाएगा. राष्ट्रीय गुप्तचर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी माइक वर्थीमर का कहना है कि ए-स्पेस को दिसंबर 2007 में लाँच करने की योजना है जिसमें वेब आधारित ईमेल और ऐसे सॉफ़्टवेयर की सुविधा होगी जिसमें एजेंटों की दिलचस्पी होगी और जो उनके लिए सुविधाजनक होगा. माइक वर्थीमर ने फ़िनेंशियल टाइम्स को बताया कि नए इंटरनेट मंच से उन बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी जो एजेंटों और जासूसों को सूचनाओं का आदान - प्रदान करने में मौजूदा संचार साधनों का इस्तेमाल करने में आती हैं. माइक वर्थीमर का कहना था, "हमारे कंप्यूटरों की सुरक्षा के लिए फ़ायरवॉल जैसे मज़बूत सॉफ़्टवेयर लगे होते हैं जिनकी वजह से मैं अपना समुदाय में बहुत से कर्मचारियों और एजेंटों को ईमेल नहीं भेज सकते और न ही सुरक्षित टेलीफ़ोन कर सकते हैं." उनका कहना था कि बहुत से एजेंटों को इस पर ऐतराज़ है कि इस नेटवर्क के ज़रिए सूचनाओं और जानकारियों का आदान-प्रदान करना जोखिम भरा हो सकता है लेकिन नौ सितंबर 2001 के हमलों के बाद यह भी साबित हो चुका है कि गुप्तचर जानकारियों को पूरी तरह से इकट्ठा करना और उनका आदान-प्रदान करना भी बहुत ख़तरनाक साबित हो सकता है. माइक वर्थीमर का कहना था, "हम एक ऐसे क्षेत्र में नए प्रयोग करने जा रहे हैं जो पहले कभी नहीं किए गए." उन्होंने कहा कि इस मामले में विदेशी सरकारों से भी सहयोग लेने की योजना है लेकिन विदेशी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने इस माध्यम से गुप्तचर जानकारियों का आदान-प्रदान करने के तरीके पर चिंता जताई है. अमरीका का राष्ट्रीय गुप्तचर विभाग अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंटों के लिए एक ऑनलाइन एनसाइक्लोपीडिया यानी वीकी चलाता है. सीआईए ने वर्ष 2007 में अपने यहाँ कुछ नौकरियों के विज्ञापन फ़ेसबुक के ज़रिए निकाले थे. | इससे जुड़ी ख़बरें सीआईए प्रमुख पर लापरवाही का आरोप21 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना चेनी के सहयोगी लिब्बी को ढाई साल जेल05 जून, 2007 | पहला पन्ना लिब्बी चार मामलों में दोषी पाए गए06 मार्च, 2007 | पहला पन्ना सीआईए के अपहरण काँड में मुक़दमा16 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना सीआईए उड़ानों पर रिपोर्ट मंज़ूर14 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना सीआईए के 'अपहरण' मामले में वारंट31 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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