|
चीनी कपड़ों को लेकर चिंता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
न्यूज़ीलैंड की सरकार इन आरोपों की जाँच कर रही है कि चीन से आयात किए गए कपड़ों में फ़ॉर्मेलडिहाइड का स्तर बहुत ज़्यादा है. फ़ॉर्मेलडिहाइड से त्वचा का कैंसर और खराश हो सकती है. दरअसल वहाँ के टार्गेट टीवी के एक कार्यक्रम में दावा किया गया है कि बच्चों के कपड़ों में फ़ॉर्मेलडिहाइड का स्तर संयुक्त राष्ट्र के तय किए गए स्तर से 900 गुना ज़्यादा है. न्यूज़ीलैंड के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की प्रवक्ता लिज़ मैकफ़रसन ने कहा है, “हम इस मुद्दे को लेकर काफ़ी चिंतित हैं और कोई क़दम उठाना पडा तो हम जल्द ही उठाएँगे. हम उत्पादों को वापस मँगा सकते हैं, उन पर प्रतिबंध लगा सकते हैं.” पिछले कुछ दिनों से चीन के उत्पादों को लेकर ख़ासा विवाद होता रहा है. अमरीकी कंपनी मटैल ने चीन में निर्मित कई खिलौने वापस मँगा लिए थे. चिंता जताई गई थी कि खिलौनों के रंग में सीसा है और उनमें लगे चुंबक से बच्चों को नुकसान पहुँच सकता है. इसके अलावा टायर, टूथपेस्ट और खाने-पीने की चीनी चीज़ों को लेकर भी चिंता जताई जा चुकी है. चीनी अधिकारियों का कहना है कि विश्व को चीन में निर्मित उत्पादों के प्रति भरोसा रखना चाहिए. एक चीनी अधिकारी ली चैंगजिआंग ने एपी से बातचीत में कहा, उत्पादों को वापस मँगाना ज़रूरी है लेकिन ये मानना सही नहीं है कि चीन में बने सभी उत्पादों की क्वालिटी ख़राब है. | इससे जुड़ी ख़बरें चीन के ख़िलाफ़ ध्रुवीकरण की कोशिश?21 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना चीनी सामान को लेकर चिंतित अमरीका19 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना मटैल ने लाखों खिलौने वापस मँगाए14 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||