|
'फ़ोन टैपिंग' वाला विधेयक पारित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी संसद के दोनों सदनों ने वह विधेयक पारित कर दिया है जिसके तहत प्रशासन 'आतंकवाद से लड़ने के लिए' संदिग्ध विदेशियों के फ़ोन अदालत की अनुमति के बिना टैप कर सकेगा. इसके तहत प्रशासन फ़ोन टैपिंग के अलावा इंटरनेट के रिकॉर्ड भी हासिल कर सकेगा. शुक्रवार को सीनेट ने इसे पारित किया था और शनिवार को प्रतिनिधि सभा ने भी इस विधेयक को मंज़ूरी दे दी. इसे क़ानून बनाने के लिए अब सिर्फ़ राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के हस्ताक्षर की ज़रुरत होगी. उसमें कोई समस्या होनी नहीं है क्योंकि राष्ट्रपति बुश ही चाहते थे कि यह विधेयक संसद पारित कर दे. इस विधेयक को लेकर पहले संसद और राष्ट्रपति के बीच मतभेद थे. संसद की चिंता थी कि इस क़ानून से लोगों के निजता और नागरिक अधिकारों का हनन होगा क्योंकि फ़ोन और इंटरनेट दोनों का अमरीका में व्यापक नेटवर्क है. लेकिन इस मुद्दे पर कोई मतभेद नहीं था वह यह था कि ऐसा क़ानून आ जाने से किसी संभावित चरमपंथी हमले को रोकने के लिए ख़ुफ़िया और जाँच एजेंसियाँ ज़्यादा तेज़ी से कार्रवाई कर सकेंगी. अब तक अमरीका में क़ानूनी रुप से किसी के फ़ोन टैप करने और इंटरनेट डेटा लेने की अनुमति नहीं थी. ज़रुरी होने पर पहले अदालत से इसकी अनुमति लेनी होती थी. | इससे जुड़ी ख़बरें आतंकवाद-निरोधक विधेयक पारित28 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना पूछताछ में अमानवीय व्यवहार पर रोक21 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना चरमपंथी हमलों में बढ़ोतरी: अमरीका01 मई, 2007 | पहला पन्ना अमरीका में 'आंतकवाद मुक्त' पेट्रोल पंप03 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||