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रविवार, 29 जुलाई, 2007 को 13:36 GMT तक के समाचार
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'आरोपमुक्त होकर मैं बहुत खुश हूँ'
मोहम्मद हनीफ़
मोहम्मद हनीफ़ को ऑस्ट्रेलिया में 25 दिन जेल में रहना पड़ा
ऑस्ट्रेलिया में करीब 25 दिन तक हिरासत में रहे भारतीय मूल के डॉक्टर मोहम्मद हनीफ़ ने जेल से रिहा होने के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर बात की है.

उन्होंने स्पष्ट तौर पर इनकार किया कि उनके किसी आतंकवादी संगठन से संबंध हैं. साथ ही कहा कि उन्होंने ऐसे किसी संगठन की मदद नहीं की है.

ऑस्ट्रेलिया में दिखाए जाने वाले प्राइम टाइम कार्यक्रम 60 मिनट्स पर डॉक्टर हनीफ़ का साक्षात्कार लिया गया.

उनका कहना था, "ये मेरे स्वभाव में ही नहीं है कि मैं ऐसी गतिविधियों में शामिल रहूँ. मैं किसी को शब्दों से भी नुकसान नहीं पहुँचाना चाहता, अपनी गतिविधियों से कैसे नुकसान पहुँचा सकता हूँ."

डॉक्टर हनीफ़ ने ख़ुदा का शुक्रिया अदा किया कि उन पर लगा कलंक धुल गया.

कलंक धुल गया

 ये मेरे स्वभाव में ही नहीं है कि मैं ऐसी गतिविधियों में शामिल रहूँ. मैं किसी को शब्दों से भी नुकसान नहीं पहुँचाना चाहता, अपनी गतिविधियों से कैसे नुकसान पहुँचा सकता हूँ. मैं ख़ुदा का शुक्रिया अदा करता हूँ कि मुझ पर लगा कलंक धुल गया
मोहम्मद हनीफ़

ब्रिटेन में हुए विफल हमलों के सिलसिले में मोहम्मद हनीफ़ को ऑस्ट्रेलिया में हिरासत में ले लिया गया था.

मोहम्मद हनीफ़ ने कहा कि वे बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं कि उन पर लगे आरोप वापस ले लिए गए हैं और इस दौरान लोगों ने उनका भरपूर समर्थन किया है.

डॉक्टर हनीफ़ ने साक्षात्कार में कहा," जब मुझे इस बात का एहसास हुआ कि मैने जो सिम कार्ड अपने रिश्तेदार को ब्रिटेन में दिया था, उसमें और वहाँ हुए विफल हमलों में कोई नाता हो सकता है, तो मैने ब्रितानी अधिकारियों से चार बार संपर्क करने की कोशिश की लेकिन संपर्क हो नहीं पाया."

जब साक्षात्कार लेने वाले ने उनसे सीधे-सीधे पूछा कि क्या वे आतंकवादी हैं, तो हनीफ़ का जवाब था," मैने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मुझ पर ऐसा आरोप लगेगा."

जब उनसे पूछा गया कि वे वन-वे टिकट लेकर भारत क्यों जा रहे थे तो हनीफ़ का जवाब था, "मैं अपनी पत्नी और बच्ची से मिलना चाहता था. मेरा पहले से ही जाने का इरादा था."

हनीफ़ ने कहा कि अगर उन्हें पहले से पता होता कि ब्रिटेन में बम हमलों की योजना बन रही है तो वे अधिकारियों को ज़रूर बताते.

ऑस्ट्रेलिया में जेल से रिहा किए जाने के बाद,वे भारत के लिए रवाना हो चुके हैं.

हालांकि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने उन्हें दोबारा वर्क परमिट नहीं दिया है. वहाँ के आव्रजन मंत्री ने कहा है कि उन्हें अब भी भारतीय डॉक्टर पर शक़ है.

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