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नैटो ने रूस के बयान की आलोचना की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नैटो ने कहा है कि रूस का ये बयान 'मददगार' नहीं है जिसमें उसने कहा है कि अगर अमरीका पोलैंड और चेक गणराज्य में मिसाइल प्रणाली लगाता है तो वो अपने परमाणु मिसाइल यूरोप पर दागेगा. नैटो के प्रवक्ता ने कहा कि रूस ही केवल ऐसा देश है जो यूरोप पर मिसाइल दागने की बात कर रहा है. ये बयान जी-आठ सम्मेलन से पहले आया है जो बुधवार को शुरु हो रहा है. अमरीका कहता आया है कि वो पूर्वी यूरोप में मिसाइल प्रणाली लगाना चाहता है ताकि ईरान और उत्तर कोरिया जैसे देशों से होने वाले ख़तरे से बचा जा सके. उसका कहना है कि रूस निशाने पर नहीं है. रविवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि ईरान अमरीका के लिए ख़तरा नहीं है और संकेत दिया था कि रूस को निशाना बनाया जा रहा है. पुतिन ने पत्रकारों से बातचीत मे कहा था, "अगर यूरोप में अमरीका की मौजूदगी बढ़ती है तो हमें यूरोप में नए ठिकाने ढूँढने होंगे." जी-आठ सम्मेलन रूस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोलाई सर्कोज़ी ने कहा कि इस बारे में वे व्लादीमिर पुतिन से खुल कर बात करेंगे. फ़्रांसीसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से पहली बार इस हफ़्ते जी-आठ सम्मेलन के दौरान मिलेंगे. अमरीका के राष्ट्रपति भी जी-आठ के दौरान पुतिन से मिलेंगे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि रूसी राष्ट्रपति के तेवरों को देखते हुए लगता है कि सम्मेलन विवादित रहेगा. उनका कहना था, "न ईरान और न उत्तर कोरिया के पास वो हथियार हैं जिन्हें अमरीका ख़त्म करना चाहता है. हमें बताया जा रहा है कि मिसाइल निरोधक प्रणाली ऐसे ख़तरे के ख़िलाफ़ है जो मौजूद ही नहीं है. ये कोई मज़ाक है क्या." व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वो उम्मीद करते हैं कि मिसाइल योजना को लेकर अमरीका अपना रुख़ बदलेगा और अगर हथियारों की दौड़ शुरू हुई तो इसमें रूस की ग़लती नहीं होगी. पिछले हफ़्ते रूस ने घोषणा की थी कि उसने बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है. वहीं ईरान के वार्ताकार अली लारीजानी ने कहा है कि उनके देश की मिसाइलों की क्षमता इतनी नहीं है कि वो यूरोप तक मार कर सकें. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका मिसाइल योजना पर नहीं रुकेगा15 मई, 2007 | पहला पन्ना 'घरेलू मामलों में विदेशी धन का दख़ल'26 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना रूस में पुतिन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन15 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना रूस, चीन ने अमरीकी प्रस्ताव वीटो किया13 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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