BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 26 अप्रैल, 2007 को 12:27 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'घरेलू मामलों में विदेशी धन का दख़ल'
व्लादिमीर पुतिन
पुतिन ने मार्च 2008 में राष्ट्रपति पद से रिटायर होने की घोषणा की है
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पूर्व राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन की प्रशंसा करते हुए कहा है कि येल्तसिन ने देश में लोकतंत्र की नींव डाली थी.

संसद में वार्षिक संबोधन में पुतिन ने कहा कि देश में नई सरकार ने आर्थिक समस्याओं पर पार पाने के लिए काफ़ी काम किया है और इसी की बदौलत रूस की अर्थव्यवस्था अब दुनिया की दस बड़ी आर्थिक ताक़तों में शामिल हो गया है.

लेकिन पुतिन ने आगाह करते हुए यह भी कहा कि रूस की घरेलू राजनीतिक में दख़लअंदाज़ी करने के लिए विदेशी धन का इस्तेमाल हो रहा है.

पुतिन ने कहा, "देश में विदेशी धन की भरमार हो रही है जो घरेलू मामलों में दख़लअंदाज़ी करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है."

रूसी राष्ट्रपति संसद संबोधन के दौरान अपनी सरकार की महत्वपूर्ण नीतियाँ और उद्देश्यों की जानकारी देते हैं.

पुतिन का यह वार्षिक भाषण पूर्व राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन का बुधवार को अंतिम संस्कार की वजह से भाषण एक दिन के लिए स्थगित किया गया और गुरूवार को पुतिन ने संसद को संबोधित किया.

संबोधन में पुतिन ने येल्तसिन को श्रद्धांजलि भी दी और इस मौक़े पर कुछ क्षणों का मौन भी रखा गया. ग़ौरतलब है कि बोरिस येल्तसिन का सोमवार को निधन हो गया था.

व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि मार्च 2008 में होने वाले चुनावों में वह प्रत्याशी नहीं होंगे लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह रूसी मामलों में अपनी दमदार आवाज़ बनाए रखना चाहते हैं.

व्लादिमीर पुतिन राष्ट्रपति पद पर दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं.

समस्याओं पर ध्यान

ठीक एक साल पहले पुतिन ने अपना ध्यान केंद्रित किया था सामाजिक समस्याओं की ओर, और ख़ासतौर पर बात की थी स्वास्थ्य की, शिक्षा की, आवास की और रूस की घटती जनसंख्या की. उन क्षेत्रों में क्या प्रगति हुई इस एक साल में, इसका ज़िक्र इस साल के भाषण में ना के बराबर था.

सबसे ज़्यादा चर्चा थी अर्थव्यवस्था की. रूस विदेशी कंपनियों के अधिकारों पर और लगाम कसेगा, और जहां संभव होगा रूसी कंपनियों को प्राथमिकता मिलेगी.

बोरिस येल्तसिन और व्लादिमीर पुतिन

राष्ट्रपति ने ये भी चेतावनी दी कि विदेशी पैसे से रूस के आंतरिक मामलों में दखलअंदाज़ी की कोशिश हो रही है, “कुछ ऐसे लोग हैं जो पहले की तरह जनता को और देश को लूटना चाहते हैं, हमारे प्राकृतिक संसाधनों को निचोड़ना चाहते हैं और हमारे देश की राजनीतिक और आर्थिक आज़ादी को ख़त्म करना चाहते हैं. बाहर से आ रहा पैसा अब हमारे अंदरूनी मामलों में दखल दे रहा है.’’

राष्ट्रपति पुतिन का ये भी कहना था कि सरकार अर्थव्यवस्था पर अपनी पकड़ और मज़बूत करेगी और निजी उद्दोगों को मदद देना जारी रहेगा.

उन्होंने कहा कि जहां छोटे और मंझोले उद्दोग होते हैं वहां के लोग अच्छी और लंबी ज़िंदगी बिताते हैं.

लेकिन इस भाषण में भ्रष्टाचार की भी कोई बात नहीं हुई जो कि पिछले भाषण में एक महत्वपूर्ण मुद्दा था. भ्रष्टाचार पर नज़र रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का कहना है कि पिछले एक साल में भ्रष्टाचार कम होता नहीं दिख रहा है.

और रूस में मानवाधिकारों के हनन पर पश्चिमी देशों की आलोचना का जवाब देते हुए उन्होंने फिर से दोहराया कि रूस के अमन चैन को बाहरी ताक़तों से ख़तरा है. एक साल पहले लगा था कि राष्ट्रवाद अगले चुनाव का केंद्र बिंदु होगा.

अब पुतिन समेत रूस के अधिकारी देश के अंदर मौजूद विघटनकारी शक्तियों को दी जा रही कथित विदेशी आर्थिक मदद पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

किसी गुट या किसी संघटन का नाम नहीं लिया जा रहा है... लेकिन जो देश अपने लंबे इतिहास में सालों तक अलग थलग रहा है, वहाँ बाहरी ख़तरे की आशंका भी जादू की तरह काम करती है.

देश के नेता के लिए समर्थन बढ़ता है और आलोचना दब जाती है.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>