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युगांतकारी नेता थे बोरिस येल्तसिन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस के पूर्व राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन बहुत ही दिलचस्प व्यक्ति थे. उनका अंदाज़ हमेशा ही नाटकीय रहा. और सत्ता के शीर्ष तक उनका सफ़र भी कम नाटकीय नहीं था. उनकी राजनीतिक यात्रा एक पारंपरिक साम्यवादी के रूप में शुरू हुई, जबकि आगे चल कर उनकी ख्याति रूस के नए लोकतंत्र के खुले समर्थक के रूप में हुई. 1991 में सैनिक तख़्तापलट के प्रयासों का विरोध करते हुए वे एक टैंक पर जा चढे और सोवियत सैनिकों से तख़्तापलट की कोशिश करने वाले अधिकारियों की बात नहीं मानने की अपील की. हालाँकि बाद में उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी पर प्रतिबंध लगा दिया, और शांतिपूर्ण ढंग से सोवियत संघ का विखंडन होने दिया. कुछ ही महीनों के भीतर उन्होंने तत्कालीन सोवियत नेता मिखाइल गोर्वाच्योफ़ को क्रेमलिन से बाहर कर दिया, और ख़ुद रूस के पहले राष्ट्रपति चुने गए. सार्वजनिक जीवन में नाटकीयता और लोकलुभावन तौर-तरीकों को आज़माने वाले येल्तिसन ने अपने कार्यकलापों के दूरगामी परिणामों की कभी भी ज़्यादा परवाह नहीं की. जब येल्तसिन सत्ता में आए तो रूसी समाज उथल-पुथल के अभूतपूर्व दौर से गुजर रहा था. उनके शासन के शुरुआती कुछ वर्षों की अफ़रातफ़री, संगठित अपराध का बोलबाला और क़ानून का तिरस्कार जैसी बातें शायद लोगों को ठीक तरह याद नहीं रहे. लेकिन उनके किए कुछ काम अब भी मौजूदा रूसी व्यवस्था की बुनियाद हैं. जैसे, येल्तसिन ने एक सर्वशक्तिमान राष्ट्रपति के इर्द-गिर्द केंद्रित जिस संविधान को लागू किया, वो आज भी रूसी क़ानून की बुनियाद है. सैनिक कार्रवाई हालाँकि येल्तसिन ने अपने कार्यकाल के दौरान जनता को जो राजनीतिक अधिकार प्रदान किए, वो पहले उपलब्ध नहीं थे. मीडिया को अधिकारियों की, यहाँ तक ख़ुद येल्तसिन की आलोचना करने की छूट थी. उस तरह की आज़ादी वहाँ आज के दिन संभव नहीं है. चेचन्या में सैनिक कार्रवाई के लिए येल्तसिन को शायद इतिहास में उतनी अच्छी जगह नहीं मिले. येल्तसिन ने विद्रोहियों को कुछ दिनों के भीतर परास्त कर देने के दावे के साथ पहला चेचन युद्ध शुरू किया था. लेकिन युद्ध वर्षों तक चला जिसमें हज़ारों लोगों की मौत हुई. उस युद्ध के कारण पूरा काकेसस क्षेत्र राजनीतिक रूप से अब तक संवेदनशील बना हुआ है. जब पूर्व सोवियत नेता मिखाइल गोर्वाच्योफ़ को बोरिस येल्तसिन की विरासत का आकलन करने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि येल्तसिन ने देश के लिए बड़े-बड़े काम किए, लेकिन बाद में बड़ी-बड़ी ग़लतियाँ भी की. बोरिस येल्तसिन भले रूसियों को न तो शांति, और न ही संपन्नता दे सके. लेकिन वे सात दशकों से चले आ रहे सोवियत साम्यवाद को ख़त्म करने में सहायक रहे और भविष्य में शायद उन्हें इसी बात के लिए याद किया जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें येल्तसिन का अंतिम संस्कार बुधवार को23 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना रूस में पुतिन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन15 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना गैरी कैस्परोफ़ मॉस्को में गिरफ़्तार14 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना पूर्व रूसी जासूस की अस्पताल की मौत24 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश-पुतिन में सहमति नहीं बनी15 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना रुस में नस्लभेद 'नियंत्रण से बाहर'04 मई, 2006 | पहला पन्ना दस साल पहले मॉस्को में..25 दिसंबरजनवरी, 2001 | पहला पन्ना 'सोवियत संघ बच सकता था'25 दिसंबरजनवरी, 2001 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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