|
अमरीका मिसाइल योजना पर नहीं रुकेगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि रूस को इस बात की इजाज़त नहीं देगा कि वह यूरोप में अमरीका की मिसाइल रोधी रक्षा प्रणाली की तैनाती को रोक सके. कोंडोलीज़ा राइस ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात के बाद कहा, "मैं नहीं समझती कि कोई भी देश या व्यक्ति यह अपेक्षा रखे कि वह अमरीका के सुरक्षा हितों पर वीटो कर सकता है." इस मुलाक़ात में दोनों नेताओं में सहमति हुई कि वे सार्वजनिक रूप से एक दूसरे के बारे में बयान देने के बारे में सावधानी से काम लेंगे यानी भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे. रूस के विदेश मंत्री ने कहा है कि दोनों नेताओं ने ज़्यादा महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने का संकल्प व्यक्त किया है. राइस ने पुतिन के अलावा रूस की सुरक्षा परिषद के मंत्री आईगोर इवानोफ़, विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोफ़, पूर्व विदेश मंत्री येफ़गेनी प्रीमाकोफ़ और अन्य नेताओं से भी बातचीत की. गत फ़रवरी में व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि अमरीका दुनिया भर में अपनी धाक जमाने की कोशिश कर रहा है और उस बयान के बाद अमरीका और रूस के बीच यह पहला उच्च स्तरीय संपर्क था जिसमें राइस और पुतिन के बीच बातचीत हुई. अमरीका और रूस के बीच विश्व राजनीति के विभिन्न मुद्दों पर मतभेद हैं जिनमें मिसाइल रक्षा योजना भी शामिल है. इस योजना के तहत अमरीका यूरोप में अपनी मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात करने की तैयारी कर रहा है. रूस इस योजना का ग़ैरज़रूरी मानता है या फिर उसका ख़याल है कि यह प्रणाली ख़ुद रूस की सुरक्षा के लिए ख़तरा बन सकता है. रूस ने कोसोवो को सर्बिया से आज़ाद कराने की योजना को अमरीकी समर्थन का भी विरोध किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मध्य-पूर्व में अरब देश सक्रिय हों'27 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'मान्यता नहीं, तो सरकार का बहिष्कार'18 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||