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अपहृत बीबीसी पत्रकार का वीडियो जारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंटरनेट पर जारी एक वीडियो में गज़ा से अपहृत कर लिए गए बीबीसी संवाददताता एलन जॉन्सटन को दिखाया गया है. गत 12 मार्च को उनका अपहरण कर लिया गया था और तब से यह उनकी पहली तस्वीर है. कहा गया है कि इंटरनेट पर यह वीडियो आर्मी ऑफ़ इस्लाम ने जारी किया है और दावा किया है कि बीबीसी संवाददाता उनके कब्जे में है. वीडियो में एलन जॉन्सटन को कहते हुए दिखाया गया है कि उनका स्वास्थ्य अच्छा है और उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जा रहा है. ब्रितानी विदेश मंत्रालय और बीबीसी ने कहा है कि वे वीडियो की ख़बर से अवगत हैं और इसकी जाँच कर रहे हैं. 45 वर्षीय जॉन्सटनन का 12 हफ़्ते पहले गज़ा में तब अपहरण कर लिया गया था जब वे घर लौट रहे थे. अल-इख़लास वेबसाइट पर जारी इस वीडियो से यह ज़ाहिर नहीं होता कि ये तस्वीरें कब ली गईं थीं. और यह भी पता नहीं चलता कि वे किन परिस्थितियों में हैं. लाल रंग की स्वेटशर्ट पहने जॉन्सटन को कहते हुए दिखाया गया है कि पश्चिमी देशों को फ़लस्तीनी सरकार के ख़िलाफ़ लगाए गए प्रतिबंध हटा लेने चाहिए. वे कह रहे हैं कि ब्रितानी सरकार लोगों की इच्छा के विरुद्ध मुसलमानों की ज़मीनें लेने की कोशिश कर रही है. इससे पहले एलन जॉन्सटन को लेकर कोई ख़बर नहीं थी. उल्लेखनीय है कि जॉन्सटन किसी पश्चिमी देश के अकेले पत्रकार थे जो पूरे समय गज़ा में रहकर काम कर रहे थे. उनकी रिहाई के लिए राजनीतिज्ञों से लेकर सामाजिक संस्थाओं तक सबने अपील की है. कोई एक लाख लोगों ने उनकी रिहाई की ऑनलाइन अपील पर हस्ताक्षर किए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें एलन के 'अपहर्ताओं' ने माँगें सामने रखीं09 मई, 2007 | पहला पन्ना 'पत्रकारों पर बढ़ रहे हैं हमले'03 मई, 2007 | पहला पन्ना जॉन्स्टन की रिहाई के लिए वेबसाइट22 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना 'लापता बीबीसी संवाददाता जीवित हैं'20 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना एलन जॉनस्टन के समर्थन में रैलियाँ07 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना गज़ा से बीबीसी संवाददाता लापता12 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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