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'जापान विश्व युद्ध का इतिहास स्वीकार करे' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने जापानी संसद में ऐतिहासिक भाषण देते हुए कहा है कि जापान द्वितीय विश्व युद्ध में अपनी भूमिका और इतिहास को स्वीकार करे और उचित कार्रवाई करे. चीन के किसी प्रधानमंत्री ने पहली बार जापानी संसद डाइट को संबोधित किया है. जियाबाओ ने कहा कि जापान की सेनाओं ने 1930 और 1940 के दशक में जो आक्रमण किए उससे चीनी जनता को भीषण कष्ट का सामना करना पड़ा. उनका कहना था कि जापान ने माफ़ी मांगी लेकिन उसे इस संबंध में कार्रवाई भी करनी चाहिए. हालांकि जियाबाओ ने यह भी कहा कि जापान के कुछ सैनिक नेता ज़िम्मेदार थे और जापान की जनता को भी युद्ध के कारण कष्ट उठाने पड़े हैं. साझा इतिहास की दिक्कतें पिछले सात वर्षों में किसी चीनी प्रधानमंत्री की यह पहली जापाना यात्रा है और इसे दोनों देशों के बीच संबंधों को मधुर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे अक्तूबर में चीन की यात्रा करने वाले हैं. जियाबाओ ने अपने भाषण की शुरुआत में जापान और चीन के बीच दोस्ती बढ़ाने पर ज़ोर दिया लेकिन उनके पूरे भाषण का ज़ोर 'जापान और चीन के साझा इतिहास की दिक्कतों पर ही केंद्रित रहा. उन्होंने कहा, "जापान के आक्रमणों से चीन की जनता को बहुत परेशानी हुई है. चीनी जनता के दिलों पर जो घाव हैं वो बताए नहीं जा सकते." टोक्यो में बीबीसी संवाददाता क्रिस हॉग का कहना है कि जापान में विशेषज्ञ इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री शिंजो अबे को दी गई चेतावनी के रुप में ले रहे हैं कि वो 'यासुकुनी' स्मारक न जाएं. 'यासुकुनी' स्मारक विश्व युद्ध में शहीद हुए जापानी सैनिकों का स्मारक है.
पिछले समय में जब कभी जापानी प्रधानमंत्री ने यासुकुनी का दौरा किया है चीन ने उसका विरोध किया है और इस आधार पर द्विपक्षीय वार्ताओं को खारिज़ कर दिया है. कई मुद्दे दोनों देशों के बीच कई मुद्दे हैं जिन पर बातचीत हो रही है. दोनों देशों के बीच पूर्वी चीन समुद्र के तेल एवं प्राकृतिक गैस भंडारों के प्रभुत्व को लेकर विवाद है. उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर जापान के तेवर चीन से कड़े रहे हैं. सुरक्षा के मामले में जहां चीन की बढ़ती ताकत से जापान चिंतित है वहीं जापान पिछले कुछ दिनों में बार-बार अपने संविधान में बदलाव कर के बड़ी सेना रखने पर विचार कर रहा है. हालांकि दोनों देशों के बीच व्यापार के क्षेत्र में काफ़ी प्रगति हुई है और जियाबाओ के इस दौरे में जापान से चावल के आयात पर समझौते की भी संभावना है. | इससे जुड़ी ख़बरें जापान के प्रधानमंत्री ने माफ़ी मांगी15 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना गाँवों पर ज़्यादा ध्यान देगी चीन सरकार05 मार्च, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया पर चीन-जापान का कड़ा रूख़08 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना चीन ने की सैन्य खर्च में बढ़ोत्तरी04 मार्च, 2007 | पहला पन्ना नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की सालाना बैठक05 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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