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'कृपया मेरे बेटे को रिहा कर दें' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग़ज़ा में लापता हुए बीबीसी संवाददाता ऐलन जॉन्सटन के पिता ने उनका अपहरण करने वालों से सीधी अपील की है कि वे ऐलन को रिहा कर दें. संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने भी कहा है कि बीबीसी संवाददाता ऐलन जॉन्सटन को तत्काल छोड़ दिया जाना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा है कि प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा की जानी चाहिए. ऐलन जॉन्सटन के पिता ने एक खुले पत्र में लिखा है, "आपका भी परिवार होगा. ज़रा सोचिए कि आप मेरे परिवार के लिए क्या कर रहे हैं. कृपया मेरे बेटे को आज ही छोड़ दीजिए". समझा जा रहा है कि ऐलेन जॉन्सटन को आज से ठीक एक महीने पहले बंदूक़धारियों ने पकड़ लिया था. ऐलेन जॉन्सटन के पिता ग्राहम जॉन्सटन ने अपने बेटे के नाम एक संदेश में कहा है कि वह परिवार की चिंता न करें और वे लोग इस परेशानी को बिना विचलित हुए झेल रहे हैं और हौसला बनाए हुए हैं. फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा पट्टी में बीबीसी संवाददाता ऐलन जॉन्सटन की रिहाई के लिए समर्थन जुटाने के वास्ते आज एक अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जा रहा है जिसमें चार प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठन हिस्सा ले रहे हैं. समझा जाता है कि क़रीब एक महीना पहले कुछ नक़ाबपोश बंदूकधारियों ने ऐलन जॉन्सटन का ग़ज़ा में अपहरण कर लिया गया था और उनके पते-ठिकाने के बारे में अभी कोई पता नहीं चल रहा है. ऐलन जॉन्सटन की रिहाई के लिए एकजुटता दिखाने की मुहिम के तहत बीबीसी, अल जज़ीरा, सीएनएन और स्काई टेलीविज़न एक साथ एक विशेष कार्यक्रम प्रसारित करेंगे जिसमें जोन्स्टन के बारे में जानकारी दिखाई जाएगी. बीबीसी के महानिदेशक मार्क थॉम्पसन भी ऐलन जॉन्सटन की रिहाई के लिए समर्थन जुटाने के वास्ते फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट पहुँचे हैं और वहाँ उन्होंने ऐलन जॉन्सटन की रिहाई की अपील की है. बीबीसी निदेशक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ऐलन जॉन्सटन के अपहरण से ग़ज़ा की बदनामी हुई है. उन्होंने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि पत्रकारों को बिना किसी भय और परेशानी के अपना काम करने की छूट मिलनी चाहिए. भरोसा दिलाया मार्क थॉम्पसन ने फ़लस्तीनी प्रशासन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से भी बुधवार को मुलाक़ात करने के बाद कहा था, "महमूद अब्बास ने बताया कि उनके पास ऐसे ठोस सबूत हैं कि ऐलन जॉन्सटन सुरक्षित और स्वस्थ हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि फ़लस्तीनी प्रशासन ऐलन जॉन्सटन के मामले पर नज़र रखे हुए है और इसे जल्द से जल्द हल कराने की कोशिश कर रहा है."
ऐलन जॉन्सटन को 12 मार्च को ग़ज़ा पट्टी से उस समय अगवा कर लिया गया था जब वह अपने मकान की तरफ़ जा रहे थे. अतीत में वहाँ और भी विदेशी पत्रकारों का अपहरण हुआ है लेकिन इतने लंबे समय तक किसी को भी हिरासत में नहीं रखा गया जितना कि ऐलन को. ऐलन जॉन्सटन ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस में 1991 में सेवाएँ शुरू की थीं और तब से क़रीब आठ साल वह संवाददाता के तौर पर काम कर चुके हैं. इस दौरान वह उज़बेकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में से भी रिपोर्टिंग कर चुके हैं. ऐलन जॉन्सटन क़रीब तीन साल से ग़ज़ा में रहकर वहाँ से रिपोर्टिंग कर रहे थे और वह अकेले ऐसे पश्चिमी पत्रकार थे जो ख़तरनाक हालात होने के बावजूद वहीं रहकर रिपोर्टिंग कर रहे थे. ग़ज़ा में उनकी पोस्टिंग गत मार्च के अंत में समाप्त होने वाली थी. | इससे जुड़ी ख़बरें एलन जॉनस्टन के समर्थन में रैलियाँ07 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना गज़ा से बीबीसी संवाददाता लापता12 मार्च, 2007 | पहला पन्ना स्रोत बताओ वरना जेल जाओ07 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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