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'सैनिकों की रिहाई पर सकारात्मक रुख हो' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन में ईरान के राजदूत रोसुल मोवाहिदीन ने कहा है कि 15 ब्रितानी नौसैनिकों को रिहा किए जाने पर ब्रिटेन को सकारात्मक प्रतिक्रिया देनी चाहिए. रोसुल मोवाहिदीन ने फ़ाइनेंशिइल टाइम्स को दिए इंटरव्यूह में ये बात कही. उन्होंने कहा, " ईरान इराक में पकड़े गए पाँच ईरानियों को रिहा करवाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय जगत में चिंताएँ कम करवाने रोसुल मोवाहिदीन ने कहा, हमने नौसैनिकों को छोड़कर सदभावना का परिचय दिया.अगर ब्रिटेन हमारी मदद करना चाहता है तो हम उसका स्वागत करते हैं. हाल ही में ईरान ने ब्रिटेन के 15 नौसैनिकों को बंधक बना लिया था और ईरानी राजदूत ने इस बात से इनकार किया कि नौसैनिकों की रिहाई इराक़ में पकड़े गए ईरानी लोगों के मामले से जुड़ी हुई है. रिहा किए गए ब्रितानी नौसैनिकों ने शुक्रवार को बताया कि बंधक बनाए जाने के बाद ईरानी सैनिकों ने उनसे बार-बार पूछताछ की और मानसिक दबाव में रखा. रिहाई के बाद ब्रिटेन पहुँचे इन नौसैनिकों का कहना है कि बंधक रहने के दौरान उनकी आँखों पर पट्टियाँ बाँधी गई और अधिकतर समय अलग-अलग रखा गया. ईरान का आरोप था कि ब्रितानी नौसैनिक अवैध तरीके से उसकी जलसीमा में घुस गए थे जिसके बाद ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने उन्हें पकड़ लिया. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर ब्रितानी नौसेना पुर्नविचार कर रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें ब्रितानी सैनिकों ने आपबीती सुनाई07 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना नौसैनिकों को बंधक बनाने की जाँच शुरू06 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना नौसैनिकों ने दुर्व्यवहार की बात कही06 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना ईरान के साथ किसी सौदे का खंडन05 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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