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सद्दाम के सहयोगी रमादान को फाँसी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी अधिकारियों का कहना है कि पूर्व उपराष्ट्रपति ताहा यासीन रमादान को फाँसी दे दी गई है. पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के सहयोगी रहे रमादान पर 80 के दशक में सौ से अधिक शिया मुसलमानों को मारने का आरोप था. इन हत्याओं के सिलसिले में दी गई यह चौथी फाँसी है. आरोप है कि 1982 में सद्दाम हुसैन पर जानलेवा हमला किए जाने के बाद इन शियाओं को मारा गया था. पहले रमादान को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी लेकिन एक अपीलीय अदालत ने इसे नाकाफ़ी बताते हुए इसे फाँसी की सज़ा में बदल दिया था. सद्दाम के क़रीबी ताहा यासीन रमादान कई दशकों तक सद्दाम हुसैन के क़रीबी लोगों में से एक थे. 1938 में रमादान का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था और पहले उन्होंने एक बैंक में क्लर्क की नौकरी की थी. सद्दाम हुसैन की तरह, उनकी भी तरक्की का रास्ता बाथ पार्टी में सदस्यता के साथ खुला.
1968 में जब पार्टी ने सत्ता संभाली तब रमादान ने पार्टी की निर्णय लेने वाली सबसे बड़ी समिति 'रिवोल्युशनरी कमांड काउंसिल' के सदस्य बने. 1991 में सद्दाम हुसैन ने उन्हें उपराष्ट्रपति बनाया. कहा जाता है कि वे कई मामलों में अपने आका सद्दाम हुसैन की तरह ही निर्मम थे. वर्ष 2003 में सद्दाम सरकार के पतन के कुछ समय बाद उन्हें गिरफ़्तार किया गया था. उन पर आरोप था कि 1982 में दुजैल गाँव में सद्दाम हुसैन पर हुए जानलेवा हमले के बाद वहाँ 148 शिया मुसलमानों को मार दिया दिया गया था. रमादान पर पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को हिरासत में रखने, प्रताड़ित करने और जान से मारने का आरोप था. पिछले साल दिसंबर में सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने के बाद कुछ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं ने सवाल उठाए थे कि क्या रमादान के ख़िलाफ़ फाँसी दिए जाने लायक पर्याप्त सबूत हैं. लेकिन इराक़ी सरकार का तर्क था कि चूँकि रमादान के ख़िलाफ़ मानवता के ख़िलाफ़ अपराध साबित हो चुका है इसलिए फाँसी दी जानी चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें ताहा यासीन की फाँसी की सज़ा बरक़रार15 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इराक़ के पूर्व उप राष्ट्रपति को फाँसी होगी12 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना तिकरिती की फाँसी को लेकर विवाद15 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन के सौतेले भाई को फाँसी15 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन को दी गई फांसी30 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना ताहा यासीन रमज़ान गिरफ़्तार19 अगस्त, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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