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कॉंगो में यूरेनियम तस्करी की जाँच | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़्रीकी देश कॉंगो में परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले यूरेनियम की तस्करी के आरोप में एक वरिष्ठ अधिकारी को गिरफ़्तार किया गया है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए ने इस पर चिंता जताई है. एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि मौजूदा स्थिति की जाँच की जा रही है. कॉंगो में परमाणु ऊर्जा केंद्र के निदेशक फॉर्चुनट लुमु और उनके एक सहायक को यूरेनियम की तस्करी के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया है. इस तरह की ख़बरें पहले से थीं कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान यूरेनियम भंडार में भारी मात्रा मे यूरेनियम कम पाए गए. सरकारी अभियोजक ने ये नहीं बताया कि यूरेनियम की कितनी मात्रा का पता नहीं चला है. कॉंगो के अटर्नी जनरल ने कहा कि लुमु और उनके सहयोगी यूरेनियम बेचने के आरोपी हैं. हालाँकि उन्होंने खरीदार का नाम बताने से इनकार कर दिया. पिछले वर्ष एक ब्रितानी अख़बार ने ये रिपोर्ट प्रकाशित की थी कि कॉंगों से यूरेनियम ईरान को बेचा जा रहा है. तब कॉंगो के अधिकारियों ने इस ख़बर का खंडन किया था. आईएईए का कहना है कि कॉंगो ने एक प्रोटोकॉल पर दस्तख़त किया हुआ है जिसके तहत यूरेनियम के नियार्त से संबंधित आँकड़े देने होते हैं लेकिन कॉंगो ने अभी तक ऐसा कोई भी विवरण नहीं दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान को परमाणु निर्यात पर पाबंदी22 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस ईरान यूरेनियम संवर्धन शुरू करेगा24 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना परमाणु सहमति भारत के हित में?22 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस 'यूरेनियम संवर्द्धन पर बातचीत संभव'24 जून, 2006 | पहला पन्ना यूरेनियम संवर्द्धन जारी रहेगा: ईरान01 जून, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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