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शनिवार, 24 फ़रवरी, 2007 को 07:01 GMT तक के समाचार
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नासा की मदद करेंगे चिरंजीव कथूरिया

अंतरिक्ष यान
भारतीय मूल के चिरंजीव कथूरिया ने नासा से समझौता किया है
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक भारतीय मूल के अमरीकी उद्योगपति चिरंजीव कथूरिया की कंपनी 'प्लेनेटस्पेस' के साथ एक ऐतिहासिक समझौता किया है.

इसके तहत 'प्लेनेटस्पेस' के रॉकेट अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए सामान लाने-ले जाने का काम करेंगे.

यह पहला मौक़ा है कि जब नासा ने अपने अंतरिक्ष अभियानों में निजी कंपनियों को शामिल होने की दावत दी है.

नासा की कोशिश है कि आने वाले दिनों में ऐसी ही अन्य निजी कंपनियां अपनी क्षमता इस हद तक बढ़ा लें कि सिर्फ़ सामान ही नहीं बल्कि वे यात्रियों को भी अंतरिक्ष लाने ले जाने का काम कर सकें.

प्लेनेटस्पेस पहली भारतीय मूल के अमरीकी नागरिक की कंपनी है जिसके साथ नासा ने यह अहम समझौता किया है.

नासा के उड़ान दल औऱ मालवाहक अभियान से जुड़े एलन लिंडेनमोयर का कहना है कि उन्हे खुशी है कि इस कार्यक्रम में निजी कंपनियां बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं.

हमारी कोशिश होगी कि अंतरिक्ष में निजी कंपनियों द्वारा आम लोगों के लिए भी आने जाने का रास्ता खुल सके
चिरंजीव कथूरिया

इस समझौते के बारे में वो कहते हैं,“ इस समझौते के तहत नासा, प्लेनेटस्पेस जैसी कंपनियों के साथ मिलकर अंतरिक्ष की उड़ान भरने के योग्य निजी कंपनियों के यानों के ज़रिए अंतरिक्ष में यात्रियों और सामान लाने ले जाने के काम को आसान करना चाहती है. इसी सिलसिले में प्लेनेटस्पेस और कुछ अन्य कंपनियों की तरफ़ से महत्वपूर्ण विचार रखे गए हैं.”

नासा के साथ इस समझौते के तहत प्लेनेटस्पेस अपने रॉकेटों के ज़रिए नासा के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक मालवाहक यान में सामान लाने-ले जाने का काम करेगी.

निकट भविष्य में आशा की जा रही है कि नासा के वैज्ञानिकों को भी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक लाने-ले जाने का काम यही निजी कंपनियों के यान करेंगे.

इस समझौते के तहत नासा, प्लेनेटस्पेस के रॉकेटों की इस लंबी उड़ान के लिए तैयारी में मदद भी करेगी.

यह समझौता इसलिए भी अहमियत रखता है कि नासा 2010 तक अपने मौजूदा अंतरिक्ष यानों को रिटायर करने की भी सोच रहा है.

ऐतिहासिक साझेदारी

नासा के साथ इस तरह की ऐतिहासिक साझेदारी से प्लेनेटस्पेस के मालिक चिरंजीव कथूरिया बेहद खुश हैं.

अंतरिक्ष यान
नासा और निजी कंपनियों में ऐतिहासिक समझौता हुआ है

वो कहते हैं,'' नासा के साथ मिलकर काम करने के इस मौके से हम लोग तो बहुत उत्साहित हैं. हमारा इरादा है कि हम अपने रॉकेटों के सफ़ल परीक्षण के लिए पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे और कोई भी कमी नहीं होने देंगे.''

प्लेनेटस्पेस 2009 के दिसंबर महीने में अपने रॉकेटों के परीक्षण करेगी.

इसके लिए कंपनी पिछले दो साल से तैयारी में लगी है जिसमें कंपनी के नोवा बूस्टर और सिलवर डार्ट रॉकेट की डिज़ाइन से लेकर उनकी क्षमता तक के सारे पहलुओं पर काम किया जा रहा है.

जब यह रॉकेट 2010 तक अंतरिक्ष में उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा तो प्लेनेटस्पेस को नासा के अंतरिक्ष में सामान लाने ले जाने के कई लाख डॉलर के ठेके मिलने शुरू हो जाएंगे.

प्लेनेटस्पेस के मालिक चिरंजीव कथूरिया कहते हैं कि इस समझौते से नासा को भी बहुत लाभ होगा.

वो कहते हैं,'' अंतरिक्ष स्टेशन के लिए सामान लाने ले जाने में निजी कंपनियों के हाथ बंटाने से नासा को मंगल गृह पर जाने की तैयारी और अंतरिक्ष के अन्य क्षेत्रों में शोध करने पर ज़्यादा ध्यान दे सकती है.''

 अंतरिक्ष स्टेशन के लिए सामान लाने ले जाने में निजी कंपनियों के हाथ बंटाने से नासा को मंगल गृह पर जाने की तैयारी और अंतरिक्ष के अन्य क्षेत्रों में शोध करने पर ज़्यादा ध्यान दे सकती है
चिरंजीव कथूरिया

प्लेनेटस्पेस के अलावा भी कुछ निजी कंपनियों के साथ नासा ने समझौते किए हैं.

नासा के अधिकारी स्कॉट होरोविट्ज़ कहते हैं, '' हमें अमरीका की निजी कंपनियों के साथ यह समझौते करके बहुत गर्व महसूस हो रहा है क्योंकि अंतरिक्ष के इस उद्योग को बढ़ावा देने से नासा को अंतरिक्ष के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान देने का मौक़ा मिलेगा.''

नासा की कोशिश है कि यह निजी कंपनियां नासा की मदद से रॉकेटों से भरोसेमंद और सस्ते भाड़े पर अंतरिक्ष की उड़ानों को व्यावसायिक धंधा बना लें.

कथूरिया की भी इसी ओर नज़रें लगी हैं. वो कहते हैं,'' हमारी कोशिश होगी कि अंतरिक्ष में निजी कंपनियों द्वारा आम लोगों के लिए भी आने जाने का रास्ता खुल सके.''

इसी मकसद से उद्योगपति चिरंजीव कथूरिया ने कनाडा में अंतरिक्ष यान बनाने वाली एक कंपनी कनेडियन एरो के साथ मिलकर प्लैनेट स्पेस कंपनी की स्थापना की.

डॉक्टरी और एमबीए की डिग्री के साथ शिकागो में बसे चिरंजीव कथूरिया अंतरिक्ष पर्यटन के क्षेत्र में पहले भी सुर्खियों में आ चुके हैं.

कथूरिया की मीरकॉर्प नामक कंपनी ने सन 2000 में पहली बार एक अमरीकी उद्योगपति डेनिस टीटो को अंतरिक्ष में पर्यटन यात्रा के लिए उड़ान पर भेजकर इतिहास रचा था.

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