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'ईरान परमाणु लक्ष्य हासिल करेगा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान को यूरेनियम संवर्धन का कार्यक्रम रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र की समय सीमा 21 फ़रवरी को समाप्त हो गई है और दूसरी तरफ़ इस मौक़े पर राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि उनका देश परमाणु क्षमता जल्द से जल्द हासिल करने की अपनी कोशिशें जारी रखेगा. अहमदीनेजाद ने कहा कि परमाणु ऊर्जा बनाने की क्षमता हासिल करना इतना ज़रूरी है कि यदि इसे हासिल करने के लिए दस साल तक सबकुछ भी रोक दिया जाए तो भी सही होगा. ईरान के उत्तरी शहर सियाहकाल में बुधवार को अहमदीनेजाद ने कहा कि ईरान परमाणु क्षमता हासिल करने के लिए दृढ़संकल्प है, चाहे इसके लिए सबकुछ रोकना पड़े. ईरानी समाचार एजेंसी इसना के अनुसार महमूद अहमदीनेजाद ने कहा, "हम परमाणु तकनीक जल्द से जल्द हासिल करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल जारी रखेंगे. यह तकनीक हासिल करना हमारे देश की प्रगति और आत्मसम्मान के लिए बहुत ज़रूरी है..." लेकिन बीबीसी के तेहरान संवाददाता फ्रांसिस हैरीसन का कहना है कि ईरान में पहली बार कुछ ऐसी आवाज़ें उठी हैं कि ईरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की शर्तों को स्वीकार कर लेना चाहिए. एक छोटे से विपक्षी दल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी मुजाहिदीन ऑर्गेनाइज़ेशन ने परमाणु कार्यक्रम जारी रखने के सरकार के फ़ैसले ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्रीय हितों और ईरानी लोगों के लिए ख़तरा पैदा कर दिया है. सुधारवादी मानी जाने वाली इस पार्टी ने सवाल उठाया है कि इतना ख़तरा उठाकर ऐसे बिजली संयंत्र के लिए परमाणु कार्यक्रम के ज़रिए ईंधन बनाने की क्या ज़रूरत है जिसका निर्माण भी अभी पूरा नहीं हुआ है. पार्टी ने ईरान सरकार से अनुरोध किया है कि नारेबाज़ी करना बंद किया जाए और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया जाए ताकि ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र का एक और प्रस्ताव पारित होने से बचा जा सके. प्रस्ताव ग़ौरतलब है कि पश्चिमी देशों का आरोप है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है जबकि ईरान इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है जिसका मक़सद ऊर्जा बनाना है. 23 दिसंबर 2006 को सुरक्षा परिषद ने एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाए गए थे. इस प्रस्ताव में कहा गया था कि अगर ईरान साठ दिन के भीतर यूरेनियम संवर्धन का अपना कार्यक्रम नहीं रोकता है तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई के कुछ और रास्ते खुल जाएंगे. साठ दिन की यह समय सीमा बुधवार यानी 21 फ़रवरी को समाप्त हो गई है जिसके बाद संभावना है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी इस बारे में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी कि ईरान ने 60 दिन के अंदर परमाणु गतिविधियाँ रोकने की समय सीमा का पालन नहीं किया है. ईरान ने यूरेनियम संवर्धन का अपना कार्यक्रम 2006 में फिर से शुरू किया था. इस प्रक्रिया के ज़रिए बिजली स्टेशनों के लिए ईंधन बनाया जा सकता है या फिर अगर बड़े पैमाने पर यूरेनियम संवर्धन किया जाए तो परमाणु बम के लिए भी सामग्री तैयार की जा सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें परमाणु संवर्द्धन पर पीछे नहीं हटेंगे: ईरान 23 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना ईरान पर पाबंदी को लेकर सहमति नहीं19 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना अमरीका की ईरान को कड़ी चेतावनी14 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना परमाणु कार्यक्रम पर पीछे नहीं हटेंगे: ईरान 13 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना ईरान के परमाणु कार्यक्रम की आलोचना12 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना रूस ने भी ईरान पर दबाव बनाया12 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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