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'इराक़ी लोगों का जीवनस्तर और गिरा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक एक तिहाई इराक़ी लोग ग़रीबी में गुज़र बसर कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर के बजाय इराक़ के दक्षिणी इलाक़ों में हालात सबसे ज़्यादा खराब हैं और गाँवों के मुकाबले शहरों में स्थिति तीन गुना बेहतर है. इराक़ पर वर्ष 2003 में अमरीका की अगुआई में हुए हमले के बाद से जीवन स्तर के बारे में हुआ ये पहला बड़ा सर्वेक्षण है. संयु्क्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का अध्य्यन और इराक़ सरकार के आँकड़े बताते हैं कि इराक़ में तेल के भंडार होने से आम लोगों को फ़ायदा नहीं मिल रहा है. अध्ययन के मुताबिक सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाए जाने के बाद से जीवन स्तर में बहुत ज़्यादा गिरावट आई है. रिपोर्ट में लिखा गया है कि इराक़ में मुक्त बाज़ार व्यवस्था लागू करने के लिए जल्दबाज़ी में उठाए गए क़दमों से हालात और ख़राब हो गए हैं. जल प्रदूषण और बिजली की ख़राब सप्लाई के बावजूद राजधानी बग़दाद कमोबेश समृद्ध इलाक़ों में आती है. बग़दाद में भी शहरी इलाक़ों की तुलना में बाहरी इलाक़ों के लोग कम अमीर हैं. रिपोर्ट के लेखकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इराक़ के लिए दीर्घकालिक योजना बनानी होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें सीनेट ने इराक़ पर बहस ठुकराई17 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश की इराक़ योजना का मुद्दा सीनेट में16 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ी शरणार्थी योजना का स्वागत15 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ सुरक्षा योजना की कड़ी आलोचना14 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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