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बुश को डेमोक्रैटिक पार्टी की चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में विपक्षी डेमोक्रैटिक पार्टी ने राष्ट्रपति बुश को चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें ईरान पर हमला करने का अधिकार नहीं है. बुश ये कहते रहे हैं कि वो ईरान मामले का हल कूटनीति के रास्ते से निकालना चाहते हैं लेकिन डेमोक्रैटिक पार्टी की नेता नैन्सी पेलोसी ने कहा है कि अमरीकी संसद यानी कॉंग्रेस को इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट रुप से बताना चाहिए. पेलोसी कॉंग्रेस के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की अध्यक्ष हैं. अमरीकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रैटिक पार्टी बहुमत में है. उन्होंने कहा कि ईरान के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई के लिए उचित प्रक्रिया के ज़रिए सरकार को कॉंग्रेस की पूर्व मंजूरी लेनी होगी. अमरीका ईरान पर आरोप लगाता है कि वह गुपचुप तरीक़े से परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है जबकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बताता है. अमरीका ईरान पर इराक़ में विद्रोहियों को मदद पहुँचाने का भी आरोप लगा रहा है. पेलोसी का बयान ऐसे समय में आया है जब शुक्रवार को संसद में इराक़ में और अमरीकी सैनिक भेजने के ख़िलाफ़ डेमोक्रैटिक पार्टी के एक प्रस्ताव पर बहस होगी. शनिवार को इस प्रस्ताव पर मतविभाजन होना है. आम तौर पर शनिवार को संसद की कार्यवाही नहीं होती है. वाशिंगटन स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अगले दो दिनों में राष्ट्रपति बुश को सदन के भीतर इराक़ नीति पर कड़ी आलोचना का शिकार होना पड़ सकता है. राजनीतिक परिदृश्य वाशिंगटन में राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव ज़रूर आ रहा है लेकिन ये बदलाव कितना बड़ा और महत्वपूर्ण है ये तो अगले कुछ दिनो में ही पता चलेगा जब अमरीकी संसद में कुछ ख़ास मुद्दो पर मतदान होगा. ये देखना दिलचस्प रहेगा कि इन मुद्दो पर विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी का समर्थन रिपब्लिकन पार्टी के कितने सांसद करते है और क्या डेमोक्रेट पार्टी अंदरूनी मतभेद सुलझा पाने में सक्षम होती है.
वैसे कुछ विश्लेषको का मत है कि डेमोक्रेट पार्टी के लिए ये एक कठिन समय की शुरूआत हो सकती है कि बुश प्रशासन की आलोचना करना और उसके ख़िलाफ़ निंदा प्रस्ताव लाना एक बात है और ख़ुद की एक स्वतंत्र नीति बनाना दूसरी बात. और डेमोक्रेट पार्टी पर आरोप है कि उसने अभी तक एक वैकल्पिक नीति नहीं बनाई है. डेमोक्रेट पार्टी इस सम्बन्ध में राजनीतिक ख़तरो से अनजान नहीं है लेकिन उनका मानना है कि इराक मुद्दे पर अमरीकी जनता का समर्थन उसकी सबसे बड़ी ताक़त है. डेमोक्रेट पार्टी के सांसद राष्ट्रपति बुश को ईरान पर संभावित कारवाई के प्रति भी चेतावनी दे रहे है. बुश प्रशासन ईरान के परमाणु कार्यक्रम से चिंतित है साथ ही अमरीका ईरान पर आरोप लगाता रहा है कि वो इराक में शिया चरमपंथियो को मदद दे रहा है. वहीं अमरीकी रक्षा मंत्री राबर्ट गेट्स ने ज़ोर देकर कहा है कि ईरान पर हमला करने के लिए बुश प्रशासन किसी बहाने की तलाश में नही है. गेट्स का कहना था, "ना तो हमारी ईरान पर हमला करने की योजना है और ना ही इसके लिए हम बहाना ढूँढ रहे है. लेकिन हम इराक़ में सक्रिय उस तंत्र को नष्ट करना चाहते है जिसके कारण हमारे सैनिको की मौत हो रही है." आने वाले दिनो में डेमोक्रेट पार्टी इराक़ युद्द के मुद्दे पर राष्ट्रपति बुश के लिए और चुनौतियां खड़ी करना चाहती है, ख़ासकर इस पर कि युद्द के लिए वित्तीय संसाधन कहाँ से जुटाए गए है लेकिन शायद इससे पहले उन्हें एक अंदरूनी चुनौती का सामना करना है. असल डेमोक्रेट पार्टी में भी दो धड़े बन गए है. पहला धड़ा उनका है जो युद्ध के ख़िलाफ़ है इराक़ से जल्द सैनिको की वापसी चाहते है और दूसरा मध्यमार्गियो का है जो जनता में ये संदेश नहीं देना चाहते कि अमरीकी सेना की ताक़त में किसी भी तरह की कमी लाई जा रही है. इन दोनों विचारो में सामंजस्य स्थापित करना ही पार्टी की सफलता होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ी शरणार्थी योजना का स्वागत15 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ी शरणार्थियों को पनाह देगा अमरीका15 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना बग़दाद के लिए नई सुरक्षा योजना 13 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना बग़दाद में धमाके, 67 की मौत12 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'शिया विद्रोहियों के समर्थन में ईरान'11 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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