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इराक़ में नए अमरीकी कमांडर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अमरीकी फ़ौजों के नए कमांडर लेफ़्टिनेट जनरल डेविड पेट्रायूस शनिवार से काम संभाल रहे हैं. उनके सामने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की नई इराक़ नीति को अमल में लाने की चुनौती होगी जिससे कि हिसा रोकी जा सके. राष्ट्रपति बुश की इस नई योजना में इराक़ में साढ़े इक्कीस हज़ार अतिरिक्त सिपाहियों की तैनाती शामिल है. इस तरह के संकटों को निपटाने के अनुभवी माने जाने वाले पेट्रायूस ने कहा है, "यह कठिन तो है लेकिन असंभव नहीं है." इस इराक़ बुरी तरह से हिंसा की चपेट में है और सिर्फ़ इसी साल अब तक सैकड़ों इराक़ी मारे जा चुके हैं. इराक़ में बड़ा परिवर्तन करते हुए जनरल पेट्रायूस को पिछले साल ही जनरल जॉर्ज केसी के स्थान पर नियुक्त किया गया था. हालांकि जनरल पेट्रायूस ने राष्ट्रपति बुश की इराक़ में और फ़ौज तैनात करने की योजना का समर्थन किया है लेकिन उन्होंने साथ में चेताया भी है कि इराक़ में काम बेहद कठिन है. बग़दाद में बीबीसी संवाददाता जेन पील का कहना है कि जनरल पेट्रायूस की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी मलिकी का रवैया बदलता है या नहीं. वैसे मलिकी ने वादा किया है कि जो भी हिंसा के लिए ज़िम्मेदार होगा, वह निशाने पर होगा. इससे पहले शिया सरकार पर आरोप लगते रहे हैं कि वह शिया लड़ाकों को संरक्षण दे रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'इराक़ी ख़ुफ़िया रिपोर्ट से छेड़छाड़ हुई'09 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में भीषण विस्फोट, 130 की मौत03 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ में 'गृह युद्ध' की स्थिति मानी'02 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'पुनर्निर्माण के नाम पर धन बर्बादी'31 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ में नए अमरीकी लक्ष्य की ज़रुरत'30 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना गृह युद्ध की ओर अग्रसर इराक़ 29 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में और सैनिक भेजने की घोषणा 11 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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