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इसराइली राष्ट्रपति भारी दबाव में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के राष्ट्रपति मोशे कत्साव ने संसद से कहा है कि उनके ख़िलाफ़ लाए गए आरोपों का सामना करने के लिए उन्हें कुछ समय के लिए ज़िम्मेदारियों से मुक्त कर दिया जाए. मोशे कत्साव के वकीलों ने बुधवार को इससे पहले कहा था कि वह अपने पद से इस्तीफ़ा देने का कोई इरादा नहीं रखते हैं. राष्ट्रपति मोशे के वकीलों ने यह भी सुझाव दिया था कि राष्ट्रपति चाहें तो इन आरोपों का सामना करने के लिए अस्थाई रूप से निलंबन के लिए कह सकते हैं जिसके लिए संसद की मंज़ूरी ज़रूरी है. लेकिन इसराइली संसद- क्नेसेट में वामपंथी धड़े के एक सांसद ने राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ महाभियोग चलाने की हिमायत करनी शुरू कर दी है. राष्ट्रपति मोशे कत्साव के इस्तीफ़े की सबसे ज़ोरदार माँग शिक्षा मंत्री यूली तामिर की तरफ़ से उठी है जिनका कहना है कि कत्साव की राष्ट्रपति पद पर मौजूदगी से बहुत अपमानजनक स्थिति बन गई है. शिक्षा मंत्री का कहना था, "छात्रों को राष्ट्रपति पद का सम्मान करने और ऐसे राष्ट्रपति की तस्वीरें स्कूलों में टांगने के लिए कहना मुश्किल होता जा रहा है जिन पर गंभीर अपराधों के आरोप लगे हों." न्याय और विदेश मंत्री त्ज़िपी लिवनी का कहना था कि राष्ट्रपति मोशे कत्साव अगर इस्तीफ़ा दे दें तो यह बहुत उपयुक्त क़दम होगा. राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने के लिए 20 सांसदों की प्रारंभिक मंज़ूरी आवश्यक है और राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए 120 सदस्यों वाली संसद में 90 की मंज़ूरी ज़रूरी होगी. कत्साव ने कोई भी ग़लत काम करने के आरोपों का खंडन किया है. बुधवार को वह पत्रकार सम्मेलन में अपनी स्थिति स्पष्ट करने वाले हैं. इसराइल के कुछ सांसदों और अख़बारों ने मोशे कत्साव का आहवान किया है कि वे विवादों को देखते हुए राष्ट्रपति पद से तुरंत इस्तीफ़ा दे दें. इसराइल में राष्ट्रपति का पद सिर्फ़ औपचारिक और प्रतीकात्मक माना जाता है. राजनीतिक अस्थिरता इसराइल के अनेक नेता इस तरह के आरोपों से घिरे हुए हैं और राष्ट्रपति मोशे कत्साव भी उनमें से एक हैं. इस तरह के माहौल की वजह से गंभीर राजनीतिक अस्थिरता की आशंका बनती जा रही है.
बचाव पक्ष के वकीलों ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई शुरू होने के स्तर पर ही राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ आरोप वापस ले लिए जाएंगे या वे रद्द कर दिए जाएंगे. इसराइल के एटॉर्नी जनरल मेनाशेम मज़ूज़ ने मंगलवार को कहा था कि राष्ट्रपति मोशे कत्साव के ख़िलाफ़ बलात्कार, यौन प्रताड़ना, न्याय के मार्ग में बाधा खड़ी करना और धोखाधड़ी जैसे आरोप लाए जाएंगे. राष्ट्रपति मोशे कत्साव जब तक अपने पद पर बने रहेंगे तब तक उनके ख़िलाफ़ किसी तरह की क़ानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती लेकिन पद से हटने के बाद उन पर मुक़दमा चलाया जा सकता है क्योंकि इसराइल में राष्ट्रपति को क़ानूनी संरक्षण हासिल है. राष्ट्रपति मोशे कत्साव का सात साल का कार्यकाल साल 2007 के आख़िर में समाप्त हो रहा है. ईरानी मूल के साठ वर्षीय मोशे कत्साव 1977 में लिकुद पार्टी से संसद का चुनाव लड़ने से पहले तक पत्रकार थे. दक्षिणपंथी लिकुद पार्टी से वह पहले नेता थे जो राष्ट्रपति बने. उन्होंने वर्ष 2000 में हुए चुनाव में लेबर पार्टी के शिमोन पेरेज़ की चुनौती समाप्त की थी. इसराइल में राष्ट्रपति पद के साथ बहुत सम्मान और प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है लेकिन इस पद के अधिकार बहुत सीमित हैं. राष्ट्रपति सिर्फ़ क़ैदियों को क्षमादान कर सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें इसराइली राष्ट्रपति पर बलात्कार के आरोप23 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'इसराइली राष्ट्रपति खुद पद छोड़ें'29 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना शुरुआती सत्र में नहीं जाएँगे कात्साव 16 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'कात्साव के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत' 15 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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