BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 15 जनवरी, 2007 को 11:20 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
राइस, ओल्मर्ट और अब्बास 'मिलेंगे'
कोंडोलीज़ा राइस
कोंडोलीज़ा राइस मध्यपूर्व के दौरे पर हैं
इसराइली अधिकारियों ने कहा है कि अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस, इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट और फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास मुलाकात करेंगे.

इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि ये मुलाकात कब और कहाँ होगी.

ये घोषणा तब की गई जब अमरीकी विदेश मंत्री इसराइल के प्रधानमंत्री से मिलने के बाद मिस्र रवाना हुईं.

कोंडोलीज़ा राइस कह चुकी हैं कि अमरीका मध्यपूर्व शांतिवार्ता दोबारा शुरू करना चाहता है.

रविवार को उन्होंने फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास से मुलाकात की थी जिसके बाद वे जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला से भी मिली थीं.

राइस ने कहा है कि इसराइल-फ़लस्तीनी विवाद में अमरीका की और सक्रिय भूमिका की अरब देशों की माँग उनके ज़हन में है.

हालांकि इस विवाद को ख़त्म करने के लिए उन्होंने कोई नया प्रस्ताव नहीं दिया है.

वैसे कोंडोलीज़ा राइस ने अपने मध्य पूर्व दौरे से पहले ही कहा था कि वे कोई नए प्रस्ताव लेकर नहीं आ रही हैं और वे 'नए सकारात्मक तरीकों' के बारे में केवल सुनेंगी और बात करेंगी.

इससे पहले फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने कहा था कि लोग अस्थाई राष्ट्र स्वीकार नहीं करेंगे जैसा कि इसराइल ने कुछ दिन पहले कहा था.

कोंडोलीज़ा राइस एक पत्रकार वार्ता में इस बात का खंडन कर चुकी हैं कि अमरीका का ध्यान इराक़ या ईरान की तरफ़ ज़्यादा है.

उन्होंने कहा था, "फ़लस्तीनी राष्ट्र बनाने का काम इसलिए नहीं आगे बढ़ना चाहिए कि इराक़ की समस्या है या ईरान की या कोई, फ़लस्तीनी लोगों ने अपने राष्ट्र के लिए लंबा इंतज़ार किया है."

इराक़

माना जारहा है कि इराक़ में युद्ध को समर्थन देने के बदले अरब देश चाहते हैं कि अमरीका इसराइल-फ़लस्तीनी संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाए.

लेकिन फ़लस्तीनी क्षेत्र में हमास पार्टी ने कोंडोलीज़ा राइस पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है.

इराक़ मुद्दे पर समर्थन जुटाने के लिए कोंडोलीज़ा राइस कई अरब देशों में भी जाएँगी.

अमरीकी विदेश मंत्री का कहना है कि स्थिर इराक़ अरब देशों के हित में है.

अमरीका के राष्ट्रपति कह चुके हैं कि इराक़ को अस्थिर करने वालों के ख़िलाफ़ कड़ क़दम उठाए जाएँगे.

राष्ट्रपति बुश ने हाल ही में इराक़ में अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ाने की घोषणा भी की है.

अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने घोषणा की है कि अमरीकी कांग्रेस में विरोध के बावजूद वो इराक़ में और सैनिकों को भेजने की अपनी योजना पर अमल करेंगे.

इससे जुड़ी ख़बरें
बुश अपनी इराक़ नीति पर दृढ़
15 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना
हानिया ने सुलह-सफ़ाई की अपील की
13 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>