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प्रधानमंत्री पद छोड़ना चाहता हूँ: मलिकी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कहा है कि वे अपना कार्यकाल ख़त्म होने से पहले ही पद छोड़ना पसंद करेंगे. एक अमरीकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जनरल को इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वे दूसरी बार प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहेंगे. उनके कार्यकाल के दौरान इराक़ सरकार और देश दोनों में आंतरिक कलह का दौर रहा है. इस बीच ये अफ़वाहें भी उड़ती रहीं कि अमरीका को उनमें ज़्यादा भरोसा नहीं है. नूरी मलिकी ने कहा है, "मैं चाहता हूँ कि कार्यकाल ख़त्म होने से पहले ही मैं पद छोड़ दूँ, मैं ये पद लेना नहीं चाहता था. प्रधानमंत्री बनने के लिए मैं सिर्फ़ इसलिए सहमत हुआ क्योंकि मैने सोचा कि ये देश के हित में हैं. मैं दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बनूँगा." सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने से एक हफ़्ता पहले दी गई इस इंटरव्यू में नूरी मलिकी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इराक़ में शांति स्थापित होगी. नूरी मलिकी ने कहा कि अगर उन्हें शांति की उम्मीद नहीं होती तो वे आज यहाँ नहीं होते. पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ शियाओं के आंदोलन में नूरी मलिकी अग्रणी नेता रहे हैं. उन्हें पिछले साल मई में इराक़ का प्रधानमंत्री बनाया गया था जब शिया और सुन्नी गठबंधन ने शिया नेताओं की पहली पसंद को अस्वीकार कर दिया था. उसके बाद से शिया पार्टियों में आंतरिक मतभेद होते रहे हैं. सुन्नी समुदाय के राजनेता भी आरोप लगाते रहे हैं कि नूरी मलिकी ने शिया मिलिशिया को निशस्त्र कराने के लिए कारगर क़दम नहीं उठाए. अमरीका से तनाव सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने के तौर-तरीके को लेकर भी मलिकी सरकार पर दबाव बढ़ रहा है. अमरीका के साथ भी नूरी मलिकी के रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं. पिछले साल न्यूयॉर्क टाइम्स ने व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का एक दस्तावेज़ जारी किया था जिसमें मलिकी के नेतृत्व की बुराई की गई थी. उसमें कहा गया था कि 'मलिकी मज़बूत नेता बनना चाहते थे लेकिन उन्हें ये नहीं समझ आ रहा था कि वे कैसे बनें.' हालांकि बाद में अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा था कि वे नूरी मलिकी का समर्थन करते हैं. बाद में नूरी मलिकी ने अमरीका पर आरोप लगाया कि वो इराक़ी सेना को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दे रहा है. उन्होंने वॉल स्टीट जनरल को दिए इंटरव्यू में भी कहा है कि अमरीका के नेतृत्व वाली सेना और इराक़ी सेना चरमपंथियों से निपटने में उतने मुस्तैद नहीं रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें फाँसी के वीडियो की जाँच02 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में मौत का आँकड़ा रिकॉर्ड स्तर पर02 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में सैनिक बढ़ाने की घोषणा करेंगे बुश02 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना चरमपंथ का मुक़ाबला करेंगे: मलिकी21 मई, 2006 | पहला पन्ना नई इराक़ी सरकार का स्वागत20 मई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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