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मून मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ नहीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नए महासचिव बान की मून संयुक्त राष्ट्र की मौत की सज़ा का विरोध करने की पुरानी और घोषित नीति के ख़िलाफ़ जाते दिखाई पड़ रहे हैं. उनके कार्यकाल के पहले दिन जब उनसे सद्दाम हुसैन को मौत की सज़ा के बारे में सवाल पूछे गए तो उन्होंने कहा कि मौत की सज़ा के मामले में फ़ैसला किसी भी देश पर निर्भर करता है. हालांकि उनके प्रवक्ता ने स्पष्ट करने की कोशिश की है कि संयुक्त राष्ट्र अभी भी मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ है. अपने कार्यकाल के पहले दिन सलामी लेकर कार्यालय पहुँचे बान की मून का सामना जब अमरीकी पत्रकारों से हुआ तो उनसे सद्दाम हुसैन की फाँसी पर सवाल पूछे गए. और बान की मून का जबाव था, "सद्दाम हुसैन घृणित अपराधों के लिए दोषी थे और उन्होंने इराक़ी जनता पर बयान न किए जा सकने वाले अत्याचार किए. हमें उनके अपराधों के शिकार लोगों को नहीं भूलना चाहिए. मौत की सज़ा के मामले पर हर देश को अपना फ़ैसला लेना चाहिए." वैसे संयुक्त राष्ट्र की अधिकृत नीति है कि वह मौत की सज़ा का विरोध करता है. चाहे वह युद्धापराध हो या फिर मानवता के ख़िलाफ़ अपराध. बाद में बान की मून के प्रवक्ता माइकल मोंटास ने साफ़ करने की कोशिश की, "मौत की सज़ा के मामले में संयुक्त राष्ट्र की नीति अपरिवर्तित है. वह इसका विरोध करता है." "उन्होंने हर देश के क़ानून का मामला उस देश के लिए खुला छोड़ दिया है." इटली अभियान चलाएगा उधर इटली ने घोषणा की है कि वह मृत्युदंड पर विश्वव्यापी रोक लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में अभियान चलाएगा. इटली के प्रधानमंत्री रोमानो प्रोदी ने कहा है कि ऐसा कोई अपराध नहीं हो सकता जो एक दूसरे की जान लेने को उचित ठहरा सके. संयुक्त राष्ट्र में इटली के राजदूत पहले ही आमसभा से उस प्रस्ताव पर विचार करने का अनुरोध कर चुके हैं जिसे इटली ने पिछले महीने प्रस्तुत किया था. इससे पहले इटली 1994 और 95 में मृत्युदंड पर रोक लगाने का प्रस्ताव कर चुका है. इटली में वामपंथी और दक्षिण पंथी दोनों राजनीतिक दल सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने को ग़लत ठहरा रहे हैं. पूर्व प्रधानमंत्री बर्लुस्कोनी ने सद्दाम हुसैन की फाँसी को राजनीतिक और ऐतिहासिक ग़लती करार दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें सद्दाम हुसैन को दी गई फांसी30 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना अदालत ने सद्दाम की मौत की सज़ा को बरकरार रखा26 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना चीन में मौत की सज़ा का क़ानून कड़ा 31 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना मौत की सज़ा पर पुनर्विचार की अपील20 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना सद्दाम को मृत्युदंड के ख़िलाफ़ तलाबानी18 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र मृत्युदंड के ख़िलाफ़: अन्नान16 दिसंबर, 2003 | पहला पन्ना 'चरमपंथी सदस्यों' को मृत्युदंड12 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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