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अदालत ने सद्दाम की मौत की सज़ा को बरकरार रखा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अपील कोर्ट ने पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ पिछले महीने मौत की सज़ा के आदेश को बरकरार रखा है. पिछले महीने इराक़ की एक अदालत ने दुजैल नरसंहार के मामले में उन्हें मौत की सज़ा सुनाई थी. वर्ष 1982 में दुजैल में 148 लोगों की हत्या के लिए अदालत ने सद्दाम हुसैन और अन्य लोगों को दोषी ठहराया था. सद्दाम हुसैन के अलावा उनके सौतेले भाई बरज़ान अल तिकरिती और इराक़ के पूर्व मुख्य जज अवाद हामिद अल बंदर को भी मौत की सज़ा सुनाई गई थी. इसी मामले में पूर्व उपराष्ट्रपति ताहा यासीन रामादान को आजीवन कारावास और तीन अन्य लोगों को 15 साल क़ैद की सज़ा मिली थी. | इससे जुड़ी ख़बरें सद्दाम ने सज़ा के ख़िलाफ़ अपील की03 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना कुर्दों की हत्या मामले में सद्दाम की पेशी27 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम पर मुक़दमा 'अप्रामाणिक'20 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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