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संयुक्त राष्ट्र मृत्युदंड के ख़िलाफ़: अन्नान
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने सद्दाम हुसैन की गिरफ़्तारी को एक सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद ज़ाहिर की है कि इससे इराक़ में सुलह-सफ़ाई की प्रक्रिया तेज़ होगी. उन्होंने ये भी उम्मीद जताई की इससे इराक़ में नई सरकार के गठन में मदद मिलेगी. सद्दाम हुसैन पर मुक़दमे के विषय में उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र सिद्धांत रूप से मृत्युदंड के ख़िलाफ़ है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव का कहना था, "जैसा कि आप जानते हैं संयुक्त राष्ट्र ने कभी भी मौत की सज़ा का समर्थन नहीं किया है और अब भी ऐसा नहीं होगा."
उधर इराक़ की राजधानी बग़दाद में दो बम धमाकों में सात पुलिसकर्मी मारे गए और 12 लोग घायल हो गए हैं. इनमें से पहला हमला आत्मघाती हमलावर ने किया और दूसरा हमला एक कार बम धमाके के ज़रिए हुआ. न्यायपूर्ण बर्ताव कोफ़ी अन्नान ने ये स्पष्ट नहीं किया कि सद्दाम हुसैन पर मुक़दमा चलाने वाली प्रस्तावित अदालत में संयुक्त राष्ट्र कोई भूमिका अदा करेगा या नहीं.
उन्होंने कहा कि सद्दाम हुसैन की संदिग्ध पृष्ठभूमि के बावजूद उनके साथ न्यायपूर्ण बर्ताव किया जाना चाहिए और उन पर स्वतंत्र और निष्पक्ष मुकदमा चलाया जाना चाहिए. कोफ़ी अन्नान ने कहा, "सद्दाम हुसैन पर मानवाधिकारों और इससे संबंधित अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों की अवमानना के आरोप हैं. जिस किसी के ख़िलाफ़ ऐसे आरोप हों उसके ख़िलाफ़ कारवाई ठीक तरह से स्थापित अदालतों में हों जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानूनों के प्रति आस्था हो." लेकिन कोफ़ी अन्नान ने इस विषय में कोई चर्चा नहीं की कि वे इराक़ से वापस बुलाए गए संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों को दोबारा बग़दाद भेजेंगे या नहीं. दूसरी ओर सद्दाम हुसैन के गृह नगर तिकरीत में विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने सद्दाम हुसैन के समर्थन में प्रदर्शन किया और अमरीकी सैनिकों ने कई छात्रों को गिरफ़्तार कर लिया. |
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