|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बुश ने इराक़ में मुक़दमे के संकेत दिए
अमरीकी राष्ट्रपति बुश का कहना है कि सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ कार्रवाई में इराक़ियों का शामिल होना ज़रूरी है. इस तरह बुश ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सद्दाम के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई शायद इराक़ में ही होगी. बुश ने कहा कि "सद्दाम ने इराक़ी जनता के साथ अत्याचार किया है, हम इराक़ियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं." उन्होंने कहा, "सद्दाम हुसैन के बारे में मेरी व्यक्तिगत राय है लेकिन उसका कोई ख़ास महत्व नहीं है. सद्दाम एक क्रूर तानाशाह हैं और उनका फ़ैसला न्याय के मुताबिक़ होगा." बुश ने विश्वास दिलाया कि मुक़दमा निष्पक्ष होगा, पूरी दुनिया की नज़रों के सामने होगा और न्याय होगा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अमरीकी सेना तब तक इराक़ में रहेगी जब तक काम पूरा नहीं हो जाता और इस बारे में कोई टाइम टेबल देना संभव नहीं है.
उन्होंने कहा, "इराक़ में कितने अमरीकी सैनिक रहते हैं यह इस पर निर्भर करेगा कि वहाँ सुरक्षा की क्या स्थिति है, इसका निर्णय वहाँ तैनात कमांडर करेंगे." अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, "मध्य पूर्व के बीचोबीच हम एक शांतिप्रिय इराक़ क़ायम करना चाहते हैं जो सबके हित में है, सबके लिए एक मिसाल होगा." किसी समझौते की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मैं सद्दाम पर विश्वास नहीं करता, वे सच नहीं बोल सकते, उन्होंने कभी सच नहीं बोला, मुझे नहीं लगता कि वे सुधर सकते हैं." सद्दाम के आरोपों को गिनाते हुए बुश ने कहा, "उन्होंने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया, पड़ोसी देशों पर हमला किया, सद्दाम के हाथ इराक़ी जनता के ख़ून से रंगे हैं." बुश ने दोहराया कि किसी भी ऐसे देश को कोई ठेका नहीं दिया जा सकता जो इराक़ में अमरीका के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल न रहा हो. बुश ने माना कि हमले बढ़ सकते हैं, उन्होंने कहा, "स्वतंत्र इराक़ उन लोगों के लिए एक हार है जो हिंसा और अत्याचार में विश्वास रखते हैं, हताशा में इराक़ में हमले बढ़ सकते हैं लेकिन हम जीत हासिल करके रहेंगे." |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||