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क्या है सद्दाम हुसैन का भविष्य?
इराक़ की शासकीय परिषद ने सद्दाम हुसैन का मुक़दमा इराक़ में ही चलाने की बात कही है और वह मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालत में ले जाने का विरोध करेगी. सद्दाम हुसैन को मौत की सज़ा सुनाई जा सकती है. इराक़ में मौत की सज़ा दिए जाने पर अमरीका ने फ़िलहाल रोक लगा रखी है लेकिन इराक़ी शासकीय परिषद या बाद में आने वाली सरकार इस रोक को हटा सकती है. लेकिन सद्दाम को मौत की सज़ा देना काफ़ी विवादास्पद होगा क्योंकि गठबंधन का प्रमुख साझीदार ब्रिटेन सिद्धांत रूप में मृत्युदंड के ख़िलाफ़ है. ब्रितानी विदेश मंत्री ने कहा है कि उनका देश मृत्युदंड के ख़िलाफ़ है लेकिन "वास्तविकता में मृत्युदंड का अस्तित्व तो है ही, और यह देश की अदालत और सरकार का फ़ैसला होगा." आरोप ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने कहा है कि इराक़ी जनता सद्दाम हुसैन का मुकदमा इराक़ में ही चलते देखना चाहती है. जैक स्ट्रॉ ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय क़ानून भी ऐसे मामलों मे देश में ही मुक़दमा चलाने की हिमायत करता है. मुक़दमे की शुरूआत कब होगी कहना मुश्किल है लेकिन इराक़ी शासकीय परिषद का कहना है कि मुकदमे की कार्रवाई जल्द शुरू होनी चाहिए. यह भी संभव है कि सद्दाम हुसैन मौत की सज़ा को टालने के लिए किसी सौदे की कोशिश करें लेकिन इस बात के आसार नहीं हैं कि वे बेकसूर साबित हों.
पिछले सप्ताह ही इराक़ी शासकीय परिषद ने बाथ पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ मामले चलाने के लिए एक अलग अदालत बनाने का फ़ैसला किया है. शासकीय परिषद के एक प्रमुख सदस्य अहमद चलाबी ने पहले ही कहा था कि अगर पकड़े गए तो सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ इसी विशेष अदालत में मुकदमा चलेगा. सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ अनेक आरोप होंगे, इराक़ में शियाओं के ख़िलाफ़ अत्याचार और देश के उत्तरी भाग में कुर्दों पर रासायनिक हथियारों से हमले का मामला प्रमुख होगा. सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ देश की संपत्ति के दुरूपयोग और निजी लाभ के लिए संपत्ति जमा करने के आरोप भी लग सकते हैं. इसके अलावा पड़ोसी देश ईरान ने माँग की है कि सद्दाम हुसैन के अपराधों के लिए उनके ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय अदालत में मुकदमा चलाया जाए. ईरान ने कहा है कि वह सद्दाम हुसैन के अपराधों की औपचारिक तौर पर शिकायत करने वाला है. कुल मिलाकर स्थिति ये है कि सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की तस्वीर बिल्कुल साफ़ नहीं है और अभी इसमें कुछ समय लगेगा. |
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