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सद्दाम पर भारत की सतर्क प्रतिक्रिया
भारत ने आशा व्यक्त की है कि सद्दाम हुसैन के पकड़े जाने के बाद युद्ध की मार झेल चुके इराक़ में स्थिरता आ पाएगी. विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने इस बारे में अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पावेल से टेलीफ़ोन पर बात की. एक बयान में कॉलिन पावेल को यह कहते बताया गया है कि इससे पूरी मानसिकता में बदलाव आएगा, पुनर्निर्माण में तेज़ी आएगी और इराक़ की शासकीय परिषद के लिए सम्मान बढ़ेगा. वैसे, रविवार की रात यशवंत सिन्हा ने पत्रकारों से सिर्फ़ इतना ही कहा था कि भारत स्थिति का जायज़ा ले रहा है. उनका कहना था, "हमारे राजूदत वहाँ हैं. वह स्थिति पर नज़र रखे हैं". सद्दाम हुसैन की गिरफ़्तारी के बाद दुनिया भर के देशों से प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर इसे अपने अभियान की सबसे बड़ी सफलता के रूप में देख रहे हैं. दिलचस्प बात ये है कि इराक़ पर युद्ध के ख़िलाफ़ रहे फ़्रांस और जर्मनी ने भी सद्दाम की गिरफ़्तारी पर पर संतोष ज़ाहिर किया है. फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक़ शिराक़ की सद्दाम हुसैन की गिरफ़्तारी पर जताई ख़ुशी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिलचस्पी से देख जा रहा है. लेकिन उन्होंने अपना पक्ष साफ़ करते हुए कहा कि युद्द का विरोध करने का ये मतलब नहीं है कि वे सद्दाम हुसैन के समर्थन में थे. फ़्रांस के विदेश मंत्री विलिपां ने कहा कि फ्रांस अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ है. उनका कहना था,"जैसा राष्ट्रपति शिराक़ ने कहा है कि हम सद्दाम हुसैन की गिरफ़्तारी से ख़ुश हैं. ये अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हित में है.इस गिरफ़्तारी से अब तानाशाही का अध्याय समाप्त हो गया है." उधर युद्द के एक और विरोधी जर्मनी ने कहा है कि सद्दाम हुसैन के पकड़े जाने से इराक़ के पुनर्निर्माण में मदद मिलेगी.
रूस के विदेश मंत्री इगोर इवानोफ़ ने कहा है कि इस गिरफ़्तारी के बाद इराक़ में सुरक्षा की स्थिति बेहतर होगी. अरब लीग काहिरा में अरब लीग के महासचिव अम्र मूसा ने कहा है कि अब इराक़ के लोगों को अपने पूर्व नेता के भाग्य का फ़ैसला ख़ुद करना चाहिए. अम्र मूसा ने कहा,"बाथ पार्टी के शासन का अब ख़ात्मा हो गया है. शासकीय परिषद क्या करती है ये तो आगे पता चलेगा ही लेकिन अब ये फ़ैसला इराक़ी लोगों के हाथों छोड़ देना चाहिए कि वे अपने पूर्व राष्ट्रपति के साथ क्या व्यवहार करते हैं?" मध्य पूर्व में इसरायली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को बधाई दी है.
इंडोनेशिया ने भी कहा है कि इस गिरफ़्तारी से इराक़ में प्रजातंत्र की बहाली की प्रक्रिया में तेज़ी आने की संभावना है. इराक़ उधर इराक़ से इस बारे में मिलीजुली प्रतिक्रियाएं मिल रहीं हैं. इराक़ में कुछ लोग तो सद्दाम हुसैन के पकड़े जाने पर बेहद ख़ुश हैं और हवा में फ़ायर कर उन्होंने अपनी खुशी का इज़हार किया है. लेकिन अधिकांश लोगों को इस बात का यक़ीन ही नहीं हो पा रहा है कि सद्दाम हुसैन गिरफ़्तार हो गए है. |
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