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परमाणु कार्यक्रम बंद करने का दबाव बढ़ा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन की राजधानी बेजिंग में चल रही वार्ता में उत्तर कोरिया पर परमाणु कार्यक्रम बंद करने का दबाव बढ़ता जा रहा है. उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को बंद करने को लेकर बेजिंग में वार्ता हो रही है. इसमें उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, चीन, जापान, रूस और अमरीका हिस्सा ले रहे हैं. दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी के मुताबिक इस वार्ता पर चीन एक समझौते का मसौदा तैयार कर रहा है. लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि वार्ता में कुछ ख़ास प्रगति नहीं हुई है. अमरीका का कहना है कि उत्तर कोरिया का पूरा ध्यान उस पर लगे प्रतिबंधों को हटाने पर टिका हुआ है और वो परमाणु कार्यक्रम को बंद करने की माँग पर ध्यान नहीं दे रहा है. दक्षिण कोरिया में अमरीकी राजदूत एलेक्ज़ेंडर वर्शबाओ ने कहा है कि अमरीका को उम्मीद है कि वो अगले साल तक तय कर लेगा कि उत्तर कोरिया अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के प्रति गंभीर है या नहीं. अमरीकी राजदूत ने दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में बोलते हुए कहा कि क्रिसमस को देखते हुए वार्ता कुछ दिनों के लिए नहीं होगी लेकिन ये अगले साल जारी रहेगी. अमरीका ने उत्तर कोरिया पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं. उत्तर कोरिया ने इसी वर्ष अक्टूबर में परमाणु परीक्षण किया था. संवाददाताओं का कहना है कि उत्तर कोरिया का इस वार्ता के दौरान यही प्रयास होगा कि वो अपने ऊपर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटवा सके | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तर कोरिया मसले पर बातचीत शुरू18 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना तनाव बढ़ा रहा है उत्तर कोरिया: राइस 21 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'जापान-दक्षिण कोरिया की रक्षा करेंगे'18 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना क्या उत्तर कोरिया पर असर पड़ेगा?15 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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