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वैज्ञानिक राजनीतिक दखलंदाज़ी के ख़िलाफ़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में विज्ञान के मामलों में राजनितिक हस्तक्षेप के ख़िलाफ़ हज़ारों वैज्ञानिकों ने एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. इनमें 15 नोबेल पुरस्कार विजेता शामिल हैं. इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों को कहना है कि राजनीतिक उपयोग के लिए वैज्ञानिक आँकड़ों का ग़लत तरीक़े से पेश किया जा रहा है. उन्होंने यौन शिक्षा से लेकर मौसम परिवर्त्तन या ग्लोबल वार्मिंग तक से जुड़े वैज्ञानिक आँकड़ों पर सेंसरशिप थोपे जाने की हाल की घटनाओं का ब्यौरा भी दिया है. संघीय एजेंसी से जुड़े वैज्ञानिकों को कहा गया कि वे मौसम परिवर्त्तन के बारे में बात न करें. पहले से तय नीतियों के अनुरूप इससे जुड़े आँकड़ों में फेरबदल करने को कहे जाने का आरोप भी लगाया गया है. उनका कहना है कि बुश प्रशासन के अंदर ऐसी घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है. यह बयान अमेरिकन यूनियन ऑफ कनसर्न्ड साईन्टिस्ट्स के द्वारा जारी किया गया है जिन्हें आलोचक वाम धारा का मानते रहे हैं. यूनियन का कहना है कि हस्ताक्षर करने वालों में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों ही पार्टियों से जुड़े लोग शामिल हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें स्वायत्तता बनाम राजनीतिक दखलंदाज़ी06 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस जीनोम का विवाद26 नवंबर, 2001 | पहला पन्ना रूसी वैज्ञानिकों का मॉस्को-मार्च24 जून, 2002 | पहला पन्ना अंतरिक्ष के लिए नई अमरीकी योजना14 जनवरी, 2004 | विज्ञान आश्वस्त नहीं हैं भारत के परमाणु वैज्ञानिक10 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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