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भ्रष्टाचार से 'अरबों डॉलर' का नुक़सान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में पुनर्निर्माण की देखरेख कर रहे एक अमरीकी अधिकारी ने कहा है कि वहाँ सरकार के भीतर जो भ्रष्टाचार है उससे देश को अरबों डॉलर का नुक़सान उठाना पड़ रहा है. स्टुअर्ट बोवेन नाम के इन अधिकारी ने बीबीसी से कहा कि इराक़ में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन की वजह से एक दूसरे विद्रोह की स्थिति जन्म ले रही है. उन्होंने कहा कि इराक़ी सरकार के भीतर जो भ्रष्टाचार है वह चार अरब डॉलर प्रतिवर्ष तक आँका जा सकता है जो राष्ट्रीय आय का दस प्रतिशत से अधिक है. उनका कहना था कि इसमें से कुछ राशि विद्रोही गतिविधियों के लिए भी ख़र्च हो रही है. स्टुअर्ट बोवेन का कहना है कि कई सरकारी कर्मचारियों में पैसे की देखरेख करने की कुशलता भी नहीं है. उन्होंने कहा, "जो पैसा बाहर जाता है वह केवल अपराधियों को समृद्ध ही नहीं बनाता है बल्कि उससे विद्रोहियों को उनकी गतिविधियों के लिए भी धन मुहैया कराया जाता है. यानी, वह अमरीकी सैनिकों की जानें जाने का एक कारण भी बन जाता है". इराक़ में पुनर्निर्माण कार्यों के महानिरीक्षक, स्टुअर्ट बोवेन विगत में भी इस बात की आलोचना कर चुके हैं कि कैसे मरम्मत कामों के लिए आवंटित अमरीकी धन अन्य किन कामों में ख़र्च किया जा रहा है. उनका कहना है कि सरकारी कर्मचारियों में कुशलता की कमी भी पुनर्निर्माण के कार्यों में बाधा डाल रही है. उन्होंने कहा, "अनुमान यह है कि इराक़ के बजट में से आठ से दस अरब डॉलर ख़र्च ही नहीं हो पाएँगे क्योंकि वहाँ इस तरह की जानकारी या कुशलता का अभाव है कि इन्हें कैसे ख़र्च किया जाए". बोवेन के लेखा कार्यालय ने मार्च, 2004 में काम संभाला था और तब से उन्होंने अमरीकी न्याय मंत्रालय को 25 आपराधिक मामलों की जानकारी दी है. इनमें से चार पर अभियोग लगाया जा चुका है. इस कार्यालय की जाँच में जो सबसे महत्वपूर्ण बातें सामने आई थीं उनमें से एक 14,000 हथियारों के ग़ायब हो जाने का मामला था जो इराक़ी सरकार के इस्तेमाल के लिए मंगाए गए थे. कहा जा रहा है कि इनमें से काफ़ी हथियार विद्रोही गुटों के हाथ में पहुँच गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बग़दाद में बम धमाका, 17 लोग मारे गए 07 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद में 83 नागरिकों के शव मिले03 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीकी कंपनी इराक़ में काम बंद करेगी02 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना बम की जानकारी देने वाली वेबसाइट बंद03 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'सद्दाम को सज़ा मील का पत्थर'06 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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