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अनेक देशों में पोप की आलोचना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पोप बैनेडिक्ट 16वे के जेहाद से संबंधित बयान के चार दिन बाद भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं. क्यूबा में गुटनिरपेक्ष देशों के सम्मेलन के दौरान पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने आतंकवाद और इस्लाम को जोड़कर देखने का विरोध किया. मलेशिया के प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अहमद बादावी कि पोप को अहसास होना चाहिए कि उनके कथन से कितने लोगों की भावनाएँ आहत हुई हैं. उधर मिस्र में सुन्नी समुदाय के अल-अज़हर विश्वविद्यालय के शेख़ मोहम्मद सैयद तांतवी का कहना था कि पोप बैनेडिक्ट की टिप्पणी से उनकी इस्लाम के बारे में अज्ञानता का पता चलता है. लेबनान के वरिष्ठ शिया मौलवी आयतुल्ला फ़ादलाल्ला का कहना था कि पोप को माफ़ी माँगनी चाहिए. एंगेला मर्केल बचाव में उतरीं
लेकिन जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल जर्मनी में पैदा हुए पोप के बचाव में उतरी हैं. उनका कहना है कि पोप को ग़लत समझा गया है. उधर पश्चिमी तट के दो गिरिजाघरों पर देसी बम फेंके गए हैं और एक गुट ने कहा है कि ये पोप की टिप्पणी के विरोध में फेंके गए हैं. कोई भी घायल नहीं हुआ है. कुवैत की संसद के एक सदस्य ने माँग की है कि वहाँ और गिरिजाघर बनाने के लिए नए लाइसेंस न जारी किए जाएँ. | इससे जुड़ी ख़बरें पोप के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप के इस्लाम संबंधी बयान?15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप बेनेडिक्ट और विवाद!15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप के बयान पर प्रतिक्रियाएँ15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप की टिप्पणी से मुसलमान नाराज़15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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