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कनाडा में हमलावर ने 'ख़ुदकुशी' की थी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कनाडा पुलिस का कहना है कि माँट्रियाल शहर के एक कॉलेज में बुधवार को अंधाधुंध फायरिंग करने वाले युवक ने ख़ुद ही अपने सिर में गोली मारी थी और उसी की वजह से उसकी मौत हुई. इससे पहले पुलिस ने कहा था कि डॉसन कॉलेज में फायरिंग करने वाले हमलावर किमवीर गिल को पुलिस अधिकारियों ने मार गिराया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ़ हुआ है कि किमवीर की बाँह में लगी पुलिस की गोली से उसकी जान नहीं गई. ग़ौरतलब हो कि 25 वर्षीय किमवीर ने बुधवार को गोलियाँ चलाकर एक युवती को मार डाला था और 19 लोगों को घायल कर दिया था. घायलों में से चार की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस घटना के बाद कनाडा की बंदूक नियंत्रण नीति पर सवाल उठने लगे है. मॉन्ट्रियल निवासी किमवीर ने वेबसाइट पर अपने ब्लॉग में ख़ुद को “मौत का दूत” बताया था. इसमें अलग-अलग बंदूकों के साथ उसके 50 से अधिक फ़ोटो भी हैं. घटनाक्रम किमवीर काले कपड़े पहनकर बुधवाकर को दोपहर के भोजन के समय डॉसन कॉलेज की कैंटीन में घुसा और अंधाधुंध गोलियाँ चलाने लगा. छात्र घबराकर इधर-उधर भागे, कई ने अपने-आपको एक क्लासरूम में बंद कर लिया. छात्रों ने बताया कि बंदूकधारी हमलावर आधे घंटे तक गोलियाँ चलाता रहा. कनाडा में पहले भी इस तरह की गोलीबारी की घटनाएँ होती रही हैं. 1989 में हुई गोलीबारी में 14 छात्राएँ मारी गई थीं, उसके बाद हमलावर ने ख़ुद को गोली मार ली थी. | इससे जुड़ी ख़बरें कनाडा के स्कूल में अंधाधुंध गोलीबारी14 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीकाः धार्मिक सभा में सात की हत्या13 मार्च, 2005 | पहला पन्ना एरिस्टीड विरोधी रैली में गोलीबारी08 मार्च, 2004 | पहला पन्ना सऊदी अरब में बंधक बनाए23 सितंबर, 2003 | पहला पन्ना रियाद में गोलीबारी, चार मरे12 अगस्त, 2003 | पहला पन्ना मुंबई एयरपोर्ट बंधक संकट24 मई, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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