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तुर्की लेबनान में शांतिसैनिक भेजेगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तुर्की की संसद ने छह घंटे की ज़ोरदार बहस के बाद भारी बहुमत से फ़ैसला किया है कि वह लेबनान में संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना में अपने सैनिक भेजेगा. संसद में इस प्रस्ताव के पक्ष में 340 मत पड़े जबकि 192 सदस्य इसके ख़िलाफ़ थे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस विवादित विषय पर सत्ताधारी दल ने दो तिहाई बहुमत से इस प्रस्ताव को स्वीकृति दिलाने में सफलता पाई. जब संसद में यह बहस चल रही थी तो अंकारा में संसद भवन के पास हज़ारों लोग शांति सैनिक भेजे जाने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे और कई सौ लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन करने वाले लोग नारे लगा रहे थे. तुर्की में मुस्लिमों की बड़ी आबादी है और लोग मान रहे हैं कि शांतिसेना भेजने का मतलब इसराइल का साथ देना है. लेकिन प्रधानमंत्री अर्डोगन का कहना है कि दक्षिणी लेबनान में शांति सेना में तुर्की का शामिल होना तर्कसंगत है क्योंकि पड़ोसी देश होने की ज़िम्मेदारी भी तो निभाई जानी चाहिए. इस बीच इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच संघर्ष विराम के लिए समर्थन जुटाने मध्यपूर्व की यात्रा पर निकले संयुक्त राष्ट्र के महासचिव कोफ़ी अन्नान तुर्की पहुँच चुके हैं. वे वहाँ कई नेताओं से मुलाक़ात करेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें इतालवी सैनिक लेबनान पहुँचना शुरू02 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना लेबनान के लिए 90 करोड़ डॉलर31 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र ने इसराइल की आलोचना की30 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना अन्नान की इसराइल-हिज़्बुल्ला से अपील28 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना युद्ध के लिए नसरल्ला ने खेद जताया27 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना यूरोपीय संघ आधे शांति सैनिक भेजेगा25 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना प्रमुख ने नाकामी मानी24 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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