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विचार-विमर्श के लिए अन्नान बेरूत पहुँचे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान में युद्धविराम के बाद संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की तैनाती के मुद्दे पर विचार विमर्श के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान बेरूत पहुँच गए हैं. लेबनान में 15 हज़ार शांति सैनिक तैनात करने की योजना है लेकिन युद्धविराम के दो हफ़्ते बाद भी अभी कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आ पाई है. कोफ़ी अन्नान अपनी बेरूत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा और लेबनानी संसद के स्पीकर नबी बेरी से मुलाक़ात करेंगे. उम्मीद है कि अन्नान दोनों नेताओं के साथ बातचीत में युद्धविराम प्रस्ताव का मुद्दा भी उठाएँगे. बीबीसी संवाददाताओं के अनुसार अन्नान दोनों नेताओं से यह सुनिश्चित करने के लिए कह सकते हैं कि चरमपंथी गुट युद्धविराम प्रस्ताव का सम्मान करें. अन्नान का बेरूत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब हिज़्बुल्ला नेता हसन नसरल्ला ने कहा है कि उनके लड़ाके दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की तैनाती का विरोध नहीं करेंगे लेकिन यह उसी समय तक रहेगा जब तक वे हिज़्बुल्ला के निशस्त्रीकरण की कोशिश ना करें. अभी ये स्पष्ट नहीं है कि क्या कोफ़ी अन्नान हसन नसरल्ला से भी मुलाक़ात करेंगे या नहीं. लेबनान के बाद कोफ़ी अन्नान इसराइल और फ़लस्तीनी इलाक़ों का भी दौरा करेंगे. उनकी सीरिया और ईरान जाने की भी योजना है. वादा हाल ही में यूरोपीय संघ के देशों ने वादा किया है कि वे दक्षिणी लेबनान में शांति सैनिक भेजेंगे. अपने बेरूत दौरे में संयुक्त राष्ट्र महासचिव युद्धविराम प्रस्ताव लागू कराने और शांति सैनिकों की तैनाती के अलावा और मुद्दे भी उठा सकते हैं. जानकारों का कहना है कि अन्नान हिज़्बुल्ला की उस मांग पर भी बात कर सकते हैं, जिसमें इसराइल के साथ क़ैदियों की अदला-बदली की बात कही गई है. हालाँकि इसराइल ने क़ैदियों की अदला-बदली पर किसी बातचीत से इनकार किया है. लेकिन हिज़्बुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला ने रविवार को कहा था कि क़ैदियों की संभावित अदला-बदली पर संपर्क किया गया है और इस मुद्दे पर बातचीत में इटली के साथ-साथ लेबनानी संसद के स्पीकर नबी बेरी को भी शामिल किया जा सकता है. रविवार को हसन नसरल्ला ने यह भी स्वीकार किया था कि वे दो इसराइली सैनिकों को पकड़ने का आदेश नहीं देते अगर वे जानते कि इससे ऐसा हो जाएगा. चौतीस दिनों तक चले संघर्ष में 1100 से ज़्यादा लेबनानी और 159 इसराइली मारे गए थे और दक्षिणी लेबनान का ज़्यादातर हिस्सा तबाह हो गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें युद्ध की जाँच की घोषणा संभव27 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना युद्ध के लिए नसरल्ला ने खेद जताया27 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना शांतिसेना गठन में योगदान का स्वागत26 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना यूरोपीय संघ आधे शांति सैनिक भेजेगा25 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना अल-मनार दिखाने के प्रस्ताव की सज़ा25 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना अन्नान की शांति सेना के मुद्दे पर बैठक25 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना सैनिकों की संख्या पर शिराक के सवाल25 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना प्रमुख ने नाकामी मानी24 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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