BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 22 अगस्त, 2006 को 14:33 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
तुपोलोव-154:रूसी हवाई यातायात की रीढ़

 विमान
इन विमानों का उपयोग 1972 से शुरू हुआ था
पिछले 25 सालों से भी ज़्यादा समय से तुपोलोव-154 विमान रूस और पूर्व सोवियत संघ के देशों में हवाई यातायात की रीढ़ रहे हैं.

करीब एक हज़ार तुपोलोव-154 विमान बनाए जा चुके हैं और इनमें से कई अब भी रूस में इस्तेमाल किए जा रहे हैं.

इन विमानों का उपयोग 1972 से शुरू हुआ और 1986 में इनका आधुनिकीकरण किया गया. इनमें नए इंजन लगाए गए और ईंधन खपत कम करने के लिए नए उपकरण भी लगाए गए.

ये विमान ऐसे इलाक़े में संचालित किए जाते हैं जहाँ एयर ट्रेफ़िक कंट्रोल और संबंधित उपकरण ज़्यादा अच्छे नहीं है या फिर जहाँ मौसम खराब रहता है.

अब तक करीब 28 तुपोलोव विमान दुर्घटनाओं का शिकार हुए हैं. लेकिन ज़्यादातर दुर्घटनाओं का संबंध विमान में गड़बड़ी से नहीं है.

1982 में रूस के ओमस्क में ये विमान भारी बर्फ़ीले तूफ़ान में उतरा लेकिन रनवे पर बर्फ़ हटाने का काम करने वाले कर्मचारियों को वहाँ से हटने के लिए नहीं कहा गया. जिसके बाद विमान दुर्घटना हुई.

करीब पाँच तुपोलोव 154 विमानों को लेबनान, जॉर्जिया और अफ़ग़ानिस्तान में रूस के दुश्मनी खेमे या चरमपंथियों ने उस समय मार गिराया था जब इन देशों में गृह युद्ध चल रहा था.

2001 में तुपोलोव-154 विमान काले सागर में जा गिरा. एक अभियान के दौरान यूक्रेन की कुछ मिसाइलें इस विमान से जा टकराई थीं.

जुलाई 2002 में तुपोलोव-154 और एक कार्गो विमान बीच उड़ान भिड़ गए थे. स्विस एयर कंट्रोलरों ने इस दुर्घटना की ज़िम्मेदारी ली थी.

कुछ ही ऐसी दुर्घटनाएँ हैं जहाँ तुपोलोव-154 विमान में तकनीकी गड़बड़ी पाई गई हो.

माना जाता है कि ये विमान रूस और पूर्व सोवियत संघ के अन्य देशों में एक दशक तक तो इस्तेमाल किए जाते रहेंगे.

चीन ने 2001 में तुपोलोव-154 विमान इस्तेमाल न करने का फ़ैसला किया था और कई विमानों को रूस को बेच दिया गया था.

इससे जुड़ी ख़बरें
विमान दुर्घटना में कई लोग मारे गए
10 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>