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'इसराइली कार्रवाई युद्धविराम का उल्लंघन' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वी लेबनान में इसराइल की सैनिक कार्रवाई से नाराज़ लेबनान के प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा ने इसे 'युद्धविराम का खुला उल्लंघन' बताया है. इसराइल और लेबनान के जारी युद्धविराम के बीच इसराइल की विशेष सेना ने पूर्वी लेबनान में सैनिक कार्रवाई की. इसराइली सेना के मुताबिक़ इस कार्रवाई में एक इसराइली सैनिक मारा गया है और दो घायल हैं. इसराइली सैनिकों ने बेक्का घाटी के बालबेक शहर में छापा मारा. बालबेक शहर को हिज़्बुल्ला का गढ़ माना जाता है. इसराइली सेना का कहना है कि इस कार्रवाई का मक़सद 'आतंकवादी गतिविधि' और ख़ासकर हथियारों की तस्करी रोकना था. इसराइली सेना का दावा है कि हिज़्बुल्ला लड़ाकों को ईरान और सीरिया की ओर से हथियार मिल रहे हैं. इसराइल का कहना है कि उसकी कार्रवाई सफल रही लेकिन हिज़्बुल्ला का दावा है कि उसने कार्रवाई को नाकाम कर दिया. इसराइली अधिकारियों का कहना है कि उसकी कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र युद्धविराम प्रस्ताव का उल्लंघन नहीं क्योंकि हिज़्बुल्ला को हथियारबंद होने से रोकना उसका अधिकार है. लेकिन लेबनान के प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा ने इसराइली कार्रवाई को 'युद्धविराम का उल्लंघन' बताया है. संयुक्त राष्ट्र के युद्धविराम प्रस्ताव को इसराइल और लेबनान ने स्वीकार कर लिया था. इसके बाद पहली बार इसराइली सैनिकों और हिज़्बुल्ला लड़ाकों के बीच संघर्ष हुआ है. शांति रक्षक सैनिक इस बीच युद्धविराम लागू होने के बाद पहली बार शांति रक्षक सैनिकों का जत्था दक्षिणी लेबनान पहुँचा है. फ़्रांस ने अपना 50 सैनिक इंजीनियर भेजे जो दक्षिणी लेबनान के शहर नक़ूरा पहुँच गए हैं. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने इस बात पर ज़ोर दिया था कि दो सप्ताह के अंदर साढ़े तीन हज़ार शांति रक्षक सैनिक दक्षिणी लेबनान पहुँच जाने चाहिए. संयुक्त राष्ट्र चाहता है कि दक्षिणी लेबनान में तैनात किए जाने वाले शांति सैनिकों में यूरोपीय देशों की भी भागीदारी हो और वह इसके लिए कोशिश भी कर रहा है. कई यूरोपीय देश सैनिक भेजने के लिए तो तैयार हैं लेकिन उनका कहना है कि उन्हें शांति मिशन पर जाने वाले सैनिकों के कामकाज के बारे में स्पष्ट दिशा-निर्देश की आवश्यकता है. दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने इसराइल से अपील की है कि वह समुद्री और वायु मार्ग को मानवीय सहायता कार्य के लिए खोल दे ताकि लेबनान के प्रभावित इलाक़ों तक राहत सामग्री पहुँचाई जा सके. उन्होंने कहा कि अगर अगवा किए गए इसराइली सैनिकों को छुड़ाना है और इसराइल में लेबनानी क़ैदियों के मुद्दे का हल निकालना है तो दोनों पक्षों को समझौता करना पड़ेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें फ़लस्तीनी उप प्रधानमंत्री हिरासत में19 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना यहूदी बस्तियाँ हटाने की योजना स्थगित18 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना युद्ध के बाद निराशा झेल रहे हैं ओल्मर्ट18 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना 'यूरोपीय देश तुरंत शांति सैनिक भेजें'18 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना लेबनान में शांति सैनिकों के योगदान की पेशकश17 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना लेबनानी सैनिक दक्षिण में पहुँचे17 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना लेबनानी सेना की दक्षिण में तैनाती शुरू17 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना सुरक्षा बल की तैनाती को लेकर कई बैठकें16 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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