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लेबनान में युद्धविराम पर अमल शुरु | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम लागू हो गया है. इसके साथ ही एक माह से अधिक समय तक चली लड़ाई रुक गई है. सोमवार सुबह ग्रीनिच मान समय पाँच बजे यानी भारतीय समयानुसार लगभग 10.30 बजे से दोनों देशों की ओर से युद्धविराम लागू हो गया. हलाँकि चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्ला को निरस्त्र करने के मुद्दे पर प्रस्तावित लेबनानी कैबिनेट की बैठक टल गई है. पर इस बैठक के टलने को एक बड़ी अड़चन के रूप में देखा जा रहा है. हिज़्बुल्ला के निरस्त्रीकरण पर लेबनानी कैबिनेट की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि युद्धविराम प्रस्ताव में कहा गया है कि लेबनान में सरकार सुनिश्चित करे कि उसकी अनुमति के बिना कोई हथियार नहीं रख सकेगा. लड़ाई युद्धविराम प्रभावी होने से ठीक पहले तक इसराइली हमले जारी रहे. रविवार रात को हुए इसराइली हमलों में सात लेबनानी नागरिक मारे गए. इससे पहले हुए हमलों में 23 लेबनानी मारे गए. वहीं, हिज़्बुल्ला के रॉकेट हमलों में एक इसराइली नागरिक की जान गई. युद्धविराम लागू होने के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इसराइल के हज़ारों सैनिक मुस्तैद हैं. इसराइल ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक लेबनान में संयुक्त राष्ट्र सेना की तैनाती नहीं हो जाती, उसकी सेना वहाँ जमी रहेगी. उधर संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव मार्क मैलच ब्राउन ने कहा कि लेबनान में शांति सैनिकों की तैनाती में एक माह तक का समय लग सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें संयुक्त राष्ट्र में युद्ध विराम प्रस्ताव पारित11 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमले में 12 नागरिकों की मौत11 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना लेबनान में संघर्ष विराम पर प्रस्ताव संभव10 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना लेबनान में भीषण ज़मीनी लड़ाई10 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना का शहर पर क़ब्ज़ा09 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना लेबनान से जुड़े मसौदे पर संयुक्त राष्ट्र में बहस07 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमले में '40 लोगों की मौत'07 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना हिज़्बुल्ला ने किया सबसे भीषण हमला06 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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