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तलाक़ के लिए सबसे बड़ा मुआवज़ा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने तलाक़ के एक मामले में 4.8 करोड़ पाउंड यानी 380 करोड़ रुपए से अधिक का हर्ज़ाना देने के आदेश दिए हैं. क़ानूनी इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा मुआवज़ा है. और यह मुआवज़ा देना है 53 वर्षीय बीमा मुग़ल जॉन चारमैन को. जॉन चारमैन का उनकी पत्नी बेवरली से वर्ष 2003 में तलाक़ हुआ था. यह फ़ैसला हाईकोर्ट के पारिवारिक मामलों की एक अदालत में पिछले हफ़्ते सुनाया गया. इस मुआवज़े में 80 लाख पाउंड का वह मकान भी शामिल है जो इस समय बेवरली के कब्जे में ही है. जॉन चारमैन ने गुरुवार को कहा है कि वे इसके ख़िलाफ़ अपील करेंगे. जॉन चारमैन और उनके वकील की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि यह फ़ैसला 'अन्यायपूर्ण और अव्यवहारिक' है. उनका कहना है कि उन्होंने अपनी और से दो करोड़ पाउंड का मुआवज़ा देने का प्रस्ताव किया था जो 'कोई भी व्यावहारिक व्यक्ति अपने जीते-जी खर्च नहीं कर सकता.' दो बच्चों वाली इस दंपति ने 1976 में शादी की थी जब दोनों के पास कोई ख़ास पैसे नहीं थे.
इसके बाद जॉन चारमैन ने लंदन में बीमे का कारोबार शुरु किया और ख़ूब पैसे कमाए. जॉन चारमैन ने 1987 में 6.8 करोड़ पाउंड की पूंजी के साथ बरमूडा में डैगन ट्रस्ट की स्थापना की. न्यूयॉर्क में 11 सितंबर को हुए हमले के बाद उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय बीमा कंपनी शुरु की. वर्ष 2003 में जॉन चारमैन बरमूडा में ही रहने चले गए और इस तरह अपनी पत्नी से अलग हो गए जो इंग्लैंड में ही रह गईं. उनकी पत्नी बेवरली ने जून 2004 में तलाक़ का मुआवज़ा के लिए आवेदन किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका में तंबाकू कंपनियों की जीत06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना कंपनी को 25 करोड़ डॉलर भरने का आदेश20 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना 75 प्रतिशत तलाक़ महिलाओं की ओर से!08 मई, 2005 | भारत और पड़ोस क्योंकि उसमें से बदबू आती है03 मार्च, 2005 | पहला पन्ना तनख़्वाह से ज़्यादा टेलीफ़ोन का बिल02 जून, 2004 | पहला पन्ना कुत्ते की हत्या को लेकर तलाक़08 मई, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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