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संघर्षविराम पर सहमति बन रही है: राइस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि हिज़्बुल्ला और लेबनान के बीच संघर्षविराम और विवाद के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक सहमति बन रही है.वहीं इसराइल ने 48 घंटे के लिए लेबनान पर हवाई हमले स्थगित कर दिए हैं. अमरीकी विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई है कि इस हफ़्ते हिज़्बुल्ला और लेबनान के बीच संघर्षविराम करवाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. राइस ने यरुशलम में संवाददाताओं से कहा, अमरीका आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र से अपील करेगा कि लेबनान मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए समग्र प्रस्ताव लेकर आए जिसमें संघर्षविराम और दक्षिणी लेबनान में अंतरराष्ट्रीय शांति बल तैनात करने का प्रावधान हो. वहीं अमरीका के दौरे पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि हमलों को बंद करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव लाने पर 'ज़्यादा से ज़्यादा ज़ोर' होना चाहिए. लेबनान के काना में रविवार को एक इमारत पर हवाई हमले में 54 नागरिकों के मारे जाने के बाद, इसराइल ने 48 घंटे के लिए लेबनान पर हवाई हमले स्थगित कर दिए हैं. संयुक्त राष्ट्र में इसराइल के दूत डॉन गिलरमैन ने कहा, "हवाई हमले इसलिए स्थगित किए गए हैं ताकि इसकी जाँच हो सके की काना में क्या हुआ था और साथ ही संयुक्त राष्ट्र दक्षिणी लेबनान से लोगों को निकाल सके." जबावी हमले
लेबनान में सोमवार सुबह कुछ हवाई हमले हुए थे लेकिन इसराइल का कहना है कि ये 48 घंटे के लिए हमले बंद करने की घोषणा से पहले हुए थे. लेकिन इसराइल ने ये अधिकार सुरक्षित रखा है कि अगर उसके ख़िलाफ़ कोई हमले करने की योजना बनाता है तो वो उस पर हमला कर सकता है. काना पर हमले के बाद रविवार को हिज़्बुल्ला ने इसराइल पर कत्युशा रॉकेट दागे जिसमें कई इसराइली नागरिक घायल हो गए. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस संघर्ष में करीब 750 लोग मारे जा चुके हैं जिनमें से ज़्यादातर आम नागरिक है. जबकि 18 नागिरकों समेत 51 इसराइली भी मारे जा चुके हैं. काना में हुए हवाई हमले के ख़िलाफ़ अरब जगत में भी कड़ी प्रतिक्रिया हुई है. सीरिया की राजधानी दमिश्क में हज़ारों लोगों ने प्रदर्शन किया. वहीं मिस्र में कई सांसदों ने अरब लीग के मुख्यालय तक मार्च किया. इनमें से ज़्यादा मुस्लिम बद्ररहुड के सांसद थे. अरब लीग के महासचीव ने काना हमले की जाँच की माँग की है. अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती इस बीच दक्षिणी लेबनान में अंतरराष्ट्रीय बल तैनात करने के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में सोमवार को बातचीत शुरू हो सकती है. अपनी आपात बैठक में संयुक्त राष्ट्र ने काना में हुए हवाई हमले पर दुख जताया. लेकिन संघर्षविराम के मुद्दे पर अमरीका के सहमत न होने के चलते, परिषद ने संघर्षविराम के बजाय 'स्थाई संघर्षविराम' की बात कही. इसके पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने सुरक्षा परिषद से लेबनान के काना कस्बे में इसराइली हमले की कड़े शब्दों में निंदा करने की माँग की थी. उन्होंने कहा, "मैं बहुत ही निराश हूँ कि तत्काल युद्धविराम की मेरी पहले की अपील अनसुनी की गई. उसके बाद से निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं और आम लोगों को कठिनाइयाँ झेलनी पड़ रही है." अन्नान ने कहा कि इसराइल और हिज़्बुल्ला दोनों ने अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन किया है. संयुक्त राष्ट्र में लेबनानी दूत नुहद महौद ने संयुक्त राष्ट्र की इसराइल के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में विफल रहने के लिए आलोचना की.उन्होंने इसराइल पर मानवता के ख़िलाफ़ अपराध करने का आरोप लगाया. दूसरी ओर इसराइली दूत डान गिलरमैन ने कहा कि काना हिज़्बुल्ला चरमपंथियों का गढ़ रहा है और उन्होंने आम लोगों को अपनी ढाल के रूप में इस्तेमाल किया. गिलरमैन ने सुरक्षा परिषद से तत्काल युद्धविराम की अपील नहीं करने का आग्रह किया है. |
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