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रविवार, 30 जुलाई, 2006 को 02:43 GMT तक के समाचार
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इसराइली हवाई हमले में 40 से ज़्यादा की मौत
क़ाना
इसराइली हवाई हमले से क़ाना में भारी तबाही हुई है
दक्षिणी लेबनान के पास बसे कस्बे काना पर हुए इसराइली हवाई हमले में 40 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं इनमें से 20 बच्चे बताए जा रहे हैं.

रिपोर्टों के अनुसार कई परिवारों ने यहाँ एक इमारत में शरण ले रखी थी और इसी इमारत पर बम आकर गिरा.

इस घटना से नाराज़ लोगों ने लेबनान की राजधानी बेरुत में रविवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पर धावा बोल दिया.

संयुक्त राष्ट्र इमारत के बाहर इकट्ठा हुए लोगों ने इसराइल और अमरीका के ख़िलाफ़ नारे लगाए और स्थिति में हस्तक्षेप न करने के लिए अरब देशों की निंदा की.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सुरक्षाबलों ने अब स्थिति पर निंयत्रण कर लिया है.

अमरीका की विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस ने क़ाना में आम नागरिकों के मारे जाने पर दुख व्यक्त किया है.

इसराइल ने इस बारे में कहा है कि हिज़्बुल्ला इस गाँव का इस्तेमाल रॉकेट छोड़ने के लिए कर रहा था और अब पूरी ज़िम्मेदारी उसकी की है.

'बातचीत नहीं'

इससे पहले लेबनान के प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा ने कहा कि वे मध्य पूर्व में चल रहे संकट को सुलझाने के लिए तब तक कोई बातचीत नहीं करेंगे जब तक तुरंत बिना शर्त के संघर्षविराम नहीं लागू किया जाता.

लेबनान के अधिकारियों ने कहा है कि अमरीकी विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस के अब बेरुत आने की संभावना नहीं है. कॉंडोलीज़ा राइस इन दिनों मध्व पूर्व के दौरे पर हैं.

अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस की मध्य पूर्व यात्रा के दौरान भी हिज़बुल्ला और इसराइल के बीच संघर्ष में कोई कमी नहीं आई है और इसराइली हमलों ने लेबनान और सीरिया की मुख्य सीमा को बंद कर दिया है.

प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार लेबनान और सीरिया को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर इसराइल ने हवाई हमले किए जिससे यह रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है.

इस बीच इसराइल के एक अन्य हमले में संयुक्त राष्ट्र के दो पर्यवेक्षक घायल हो गए हैं.

राइस का दौरा

मध्य पूर्व में शांति स्थापना की कोशिशों के तहत यरुशलम पहुंची कोंडोलीज़ा राइस का स्वागत हिज़बुल्लान ने मिसाइल हमलों से किया. अधिकारियों के अनुसार हिज़बुल्ला ने उत्तरी इसराइल में कई स्थानों पर शनिवार को नब्बे रॉकेट दागे हैं.

 अगर इसराइली हमले जारी रहे तो इसराइल के अन्य इलाक़ों पर भी रॉकेट दागे जाएंगे
हिज़बुल्ला नेता

इतना ही नहीं हिज़बुल्ला ने लेबनान और ईरान में इसराइल के ख़िलाफ़ कड़े बयान जारी किए हैं और कहा है कि कोंडोलीज़ा लेबनान पर अपनी शर्तें थोपने के साथ अमरीका और इसराइल के हित साधने मध्य पूर्व में दोबारा आई हैं.

हिज़बुल्ला नेता हसन नसरल्लाह ने कहा है कि अगर इसराइली हमले जारी रहे तो इसराइल के अन्य इलाक़ों पर भी रॉकेट दागे जाएंगे.

उधर इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए इसराइली पक्ष से बातचीत शुरु कर चुकीं कोंडोलीज़ा राइस का कहना है कि मसले के समाधान के लिए भावनात्मक और कड़े फैसले करने होंगे.

यह साफ है कि अमरीका लेबनान से हिज़बुल्ला पर नियंत्रण करने के लिए कह सकता है लेकिन यह किसी को नहीं मालूम की इसराइल के लिए क्या शर्तें रखी जाने वाली हैं.

इसराइली पक्ष ने बीबीसी को संकेत दिए हैं कि सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अंतरराष्ट्रीय शांति बल तैनाती का प्रस्ताव पारित होने पर वो अपने हमले रोक सकते हैं.

हालांकि इसराइल की शर्त है कि अंतरराष्ट्रीय शांति सेना हिज़बुल्ला को निरस्त्र करे और उनकी हथियार आपूर्ति को रोके जो संभव नज़र नहीं आता.

इससे पहले शनिवार को इसराइली सैनिक लेबनान के बिन्त जेबिल इलाक़े से वापस होने लगे हैं जिस पर अधिकार करने के लिए पिछले कई दिनों से इसराइली सेना कोशिश कर रही थी.

मृतक संख्या

संयुक्त राष्ट्र चौकी
इसराइल ने संयुक्त राष्ट्र चौकी को भी हवाई हमलों का निशाना बनाया

पिछले दो हफ्तों से भी अधिक समय से चल रहे इस संघर्ष में अबतक संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 600 से अधिक लेबनानी मारे जा चुके हैं जबकि हिज़बुल्ला के हमलों में 51 इसराइली मारे गए हैं.

सबसे अधिक प्रभावित इलाक़ा दक्षिणी लेबनान है जो इसराइल की सीमा से सटा हुआ है. यहां लोगों को भोजन पहुंचाने के लिए तीन दिन के संघर्षविराम की संयुक्त राष्ट्र की अपील भी इसराइल ने ठुकरा दी है.

इसराइली हमलों में न केवल लेबनानी नागरिक बल्कि संयुक्त राष्ट्र के चार पर्यवेक्षकों की भी मौत हुई है.

संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया है कि दक्षिणी लेबनान में इसराइली गोलाबारी में उसके चार पर्यवेक्षकों की मौत के मद्देनज़र भविष्य में कई देश क्षेत्र में अपने शांति सैनिक भेजने में हिचकिचाएँगे.

संयुक्त राष्ट्र के उपप्रमुख मार्क मलूच ब्राउन ने कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र चौकी पर गोलाबारी के लिए इसराइल की माफ़ी को स्वीकार करते हैं, लेकिन जो कुछ भी हुआ उसे लेकर वह अब भी चिंतित हैं.

बीबीसी से बातचीत में मलूच ब्राउन ने कहा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों की मौत को मात्र दुर्घटना कह कर टाला नहीं जा सकता है.

दूसरी ओर ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि हिज़्बुल्ला को लड़ाई ख़त्म करने के लिए की जा रहे प्रयासों में सहयोग देना चाहिए.

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