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सोमवार, 10 जुलाई, 2006 को 02:54 GMT तक के समाचार
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सद्दाम हुसैन का मुक़दमा अंतिम दौर में
सद्दाम हुसैन
सद्दाम हुसैन के बचाव पक्ष अपनी अंतिम दलीलें पेश करेगा
इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन और उनके सहयोगियों के मुक़दमे की सुनवाई सोमवार को शुरू हो रही है. इस मामले में बचाव पक्ष अपनी अंतिम दलीलें पेश करेगा.

सद्दाम हुसैन और उनके सात सहयोगियों पर इराक़ की राजधानी बग़दाद की एक अदालत में दुजैल कस्बे में 148 शिया मुसलमानों की हत्या के सिलसिले में मुक़दमा चल रहा है.

यह हत्याकांड 1982 में सद्दाम हुसैन की हत्या की नाकाम कोशिश के बाद हुआ था. सभी अभियुक्त इस मामले में आरोपों से इनकार करते हैं और ख़ुद को निर्दोष बताते हैं.

यदि अभियुक्तों को दोषी ठहराया जाता है तो उन्हें फ़ाँसी की सज़ा हो सकती है.

बचाव पक्ष के वकील सोमवार को अंतिम तर्क पेश करेंगे और उसके बाद न्यायाधीश अपना फ़ैसला सुनाएँगे.

जातीय हिंसा

दूसरी ओर इराक़ में जातीय हिंसा की घटनाओं के बाद वहाँ गृह युद्ध की आशंका व्यक्त की जाने लगी है.

अधिकारियों का कहना है कि शिया विद्रोही गुटों के सदस्य मानेजाने वाले लोगों ने राजधानी ब़गदाद में अलग अलग हमलों में सुन्नी मुसलमानों को निशाना बनाया और 40 लोगों की हत्या कर दी.

इराक़ में हिंसा
इराक़ में जातीय हिंसा की घटनाएँ तेज़ हुई हैं

इसके कुछ घंटों बाद शहर के उत्तर पूर्वी हिस्से में एक शिया मस्जिद के पास दो कार बम धमाके हुए. इसमें कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई है.

बीबीसी संवाददाता जॉनी डायमंड का कहना है कि ये हमले व्यापक थे और कुछ ही घंटों की हिंसा से ऐसा लगा कि इराक़ ने गृह युद्ध की ओर कुछ और क़दम बढ़ा दिए हैं.

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि हुआ क्या था. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बग़दाद के पश्चिमी इलाक़े में एक फर्ज़ी चेक नाके पर हमलावरों ने कारों को रोका और सुन्नियों को अलग कर के गोली मार दी.

इसके अलावा कुछ सुन्नियों को घरों में जाकर भी निशाना बनाया गया.

आरोप-प्रत्यारोप

सुन्नी अरब समुदाय का कहना है कि रविवार के हमलों के पीछे शिया विद्रोहियों का हाथ है जिसे सरकार का समर्थन मिला हुआ है.लेकिन अधिकारी इस बात से इनकार करते हैं.

एक बात तो तय भी है कि इन हमलों में कभी इराक़ की सत्ता की बागडोर संभालनेवाले सुन्नी मुसलमानों को निशाना बनाया गया.

इस घटना के बाद शिया और सुन्नी इलाक़ों ने अपनी अपनी घेराबंदी कर ली. लेकिन इसके थोड़ी देर बाद एक शिया मस्जिद के पास दो कार धमाके हुए.

बग़दाद के आपातसेवा केंद्र का कहना है कि इसमें 25 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए. इसे सुबह के हमले की जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है.

संवाददाता का कहना है कि हो सकता है कि कार बम हमले सुनियोजित रहे हों पर इन हमलों से राजधानी बग़दाद दहल गई लगती है.

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