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मलिकी ने मेल मिलाप प्रस्ताव पेश किया
नूरी अल मलिकी
इराक़ में शिया सुन्नी संघर्ष में कई लोगों की जान जा चुकी है
इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने संसद में राष्ट्रीय स्तर की एक मेल मिलाप योजना के बारे में प्रस्ताव रखा है. इसका मकसद जातीय तनाव कम करना है.

बताया जा रहा है कि इस योजना में कुछ सुन्नी विद्रोही गुटों के साथ बातचीत का प्रस्ताव है.

नूरी अल मलिकी ने कहा," ये योजना उन सब लोगों के लिए खुली है जो राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं."

लेकिन नूरी अल मलिकी ने कहा है कि इस योजना को अपराधियों और क़ातिलों को दिए जाने वाले किसी ईनाम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.

योजना के तहत जिन लोगों पर गंभीर अपराधों के आरोप नहीं लगे हैं उन्हें क्षमादान दिया जाएगा और अगर वे हिंसा छोड़ देते हैं तो उन्हें जल्द से जल्द रिहा करने के लिए समितियों का गठन भी किया जाएगा.

हथियारबंद मिलिशिया को भी इस प्रस्ताव के दायरे में लाया जाएगा.

बाथ पार्टी

इसके अलावा राष्ट्रीय मेल मिलाप योजना में सद्दाम हुसैन की बाथ पार्टी के पूर्व सदस्यों की स्थिति की समीक्षा का भी प्रस्ताव है. अमरीकी हमले के बाद बाथ पार्टी के कार्यकर्ताओं के पास कोई काम नहीं है.

योजना उन सब लोगों के लिए खुली है जो राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं
नूरी अल मलिकी

मेल मिलाप प्रस्तावों में बाथ पार्टी के उन सदस्यों को मुआवज़ा देने की बात भी हो सकती है जो 2003 में इराक़ पर हमले के बाद सार्वजनिक जीवन में शामिल नहीं रहे हैं.

पूर्व क़ैदियों और 'अमरीकी सेना' के हाथों मारे गए लोगों को भी मुआवज़ा देने की पेशकश है.

लेकिन चिंता व्यक्त की जा रही है कि कुछ चरमपंथी गुट इन प्रस्तावों को खारिज कर सकते हैं.

इराक़ी प्रधानमंत्री ऐसे गुटों के साथ बाचचीत करने के ख़िलाफ़ हैं जिनकी गिनती बेहत हिंसक गुटों में होती है.

हालांकि अल क़ायदा, सद्दाम समर्थकों और इराक़ी नागरिकों पर हमले करने वाले विद्रोहियों को क्षमादान नहीं दिया जाएगा.

लेकिन कई लोगों का मानना है कि अगर नूरी अल मलिकी मेल मिलाप योजना को सफल बनाना चाहते हैं तो उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा गुटों से बात करनी चाहिए.

सुन्नियों की प्रतिक्रिया

मेल मिलाप योजना को सुन्नी गठबंधन के नेता अदनान अल दुआएमी ने भी स्वीकृति दी है. उन्होंने सब इराक़ियों से इराक़ के पुनर्निमाण में मिल जुल कर काम करने की अपील की.

इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालबानी पहले ही कह चुके हैं कि अगर हथियारबंद गुट अपने शस्त्र डाल दें और हिंसा छोड़ दें तो वे भी मेल मिलाप योजना में शामिल हो सकते हैं.

योजना के बारे में इराक़ी संसद के स्पीकर ने कहा, ये योजना उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो इराक़ी लोगों के मन में डर का माहौल बनाते हैं और देश की सुरक्षा और प्रगति में बाधा डालते हैं.

मेल मिलाप योजना के अन्य प्रावधानों में इराक़ की अपनी सेना और सुरक्षा सेवा सुचारू रूप से शुरू करने के लिए समयसीमा तय करने की बात भी है.

इस समयसीमा के तय होने के बाद नूरी अल मलिकी इराक़ में तैनात गठबंधन सेना को आंशिक या पूर्ण रूप से हटाए जाने की माँग भी कर सकते हैं.

जब नूरी अल मलिकी पिछले महीने सत्ता में आए थे तो उन्होंने कहा था कि अगले 18 महीनों में इराक़ में सुरक्षा का ज़िम्मा वे अमरीकी गठबंधन से वापस ले लेंगे.

अमरीका से मिली ख़बरों के मुताबिक सैन्य योजना बनाने वालों ने अगले 12 महीनों में सैनिकों की संख्या कम करने का लक्ष्य रखा है हालांकि इस बारे में कोई ठोस फ़ैसला नहीं लिया गया.

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