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ईरान में कार्टून के विरोध में प्रदर्शन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के उत्तर पश्चिम में कई स्थानों पर अज़ेरी मूल के हज़ारों लोगों ने अख़बार में छपे एक कार्टून के विरोध में जमकर प्रदर्शन किए हैं. प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के भी समाचार हैं. यह कार्टून पिछले हफ्ते एक सरकारी समाचारपत्र में प्रकाशित हुए थे जिसमें अज़ेरी मूल के लोगों की तुलना कथित तौर पर तिलचचट्टे के साथ की गई है. कार्टून में दिखाया गया कि कुछ लोग एक तिलचट्टे से फ़ारसी भाषा में बात करने की की कोशिश कर रहे हैं. हर बार तिलचट्टा अज़ेरी भाषा में कहता है – क्या मतलब? क्या मतलब? अज़ेरी समुदाय ईरान में जातीय अल्पसंख्यकों की आबादी में सबसे बड़ा वर्ग है. कार्टून से अज़ेरी समुदाय नाराज़ हो है और उनमें से कई लोगों ने कहना शुरू कर दिया है कि कार्टून ये दिखाता है कि सारे-के-सारे अज़ेरी बेवकूफ़ हैं. बात बढ़ती गई और फिर हज़ारों लोग प्रदर्शन करने निकल पड़े. विरोध इस क़दर बढ़ा कि अख़बार को बंद करना पड़ा और संपादक को गिरफ़्तार कर लिया गया. लेकिन बात यहीं तक नहीं रूकी और अज़ेरी समुदाय का ग़ुस्सा शांत नहीं हुआ. शनिवार को विशाल प्रदर्शन हुआ जिसमें सरकारी भवनों को निशाना बनाया गया और कई बैंकों और टेलीविज़न स्टेशनों को जला दिया गया. बताया जा रहा है कि पाँच लोग मारे गए हैं जबकि कई लोग घायल हैं. सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. जिस कार्टून को लेकर विरोध हो रहा है उसे एक ऐसी महिला ने बनाया जो ख़ुद भी अज़ेरी है. इस महिला को गिरफ़्तार नहीं किया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें कार्टून विवाद पर शांति की अपील02 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना कार्टून विवाद पर जुमे के दिन प्रदर्शन03 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना अमरीका-ब्रिटेन ने अख़बारों की निंदा की03 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना चित्रों के बारे में इस्लाम की राय03 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना अमरीका का ईरान और सीरिया पर आरोप08 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना यूरोपीय संसद में कार्टून मुद्दे पर बहस15 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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