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चित्रों के बारे में इस्लाम की राय | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पैगंबर हज़रत मोहम्मद के रेखाचित्र छापने को लेकर मुस्लिम समुदाय में ख़ासी नाराज़गी है. इस्लाम धर्म मानने वाले इस घटना से इतने उत्तेजित क्यों हैं? पवित्र कुरान में इस बारे में क्या कहा गया है? क़ुरान में अल्लाह या पैगंबर की तस्वीर बनाने पर कोई स्पष्ट पाबंदी नहीं है लेकिन क़ुरान के 42वें सूरा की 11वीं आयत में कहा गया है-- "(अल्लाह) धरती और स्वर्ग को रचने वाला है, उससे रूप से मिलता-जुलता कुछ हो ही नहीं सकता." मुसलमान मानते हैं कि इंसान अपने हाथ से अल्लाह को एक तस्वीर में नहीं समा सकता क्योंकि उसकी दिव्यता और भव्यता इंसान के परे है. ऐसी कोई कोशिश करना अल्लाह की तौहीन समझी जाती है. पैगंबर मोहम्मद अल्लाह के दूत हैं इसलिए उनके बारे में भी ऐसा ही माना जाता है. क़ुरान के 21वें सूरा की आयतों 52-54 में लिखा है--"(इब्राहीम ने) अपने पिता और अपने लोगों से पूछा- 'ये किन लोगों की तस्वीरें हैं जिन्हें पूजा जा रहा है?' उन्होंने कहा, 'हमने अपने पूर्वजों को इनकी इबादत करते देखा है'. (इब्राहीम ने) कहा-- 'निश्चय ही वे लोग और आप लोग भी ग़लती कर रहे हैं.'" इससे यह समझा जा सकता है कि मुसलमान मानते हैं कि अगर अल्लाह या पैगंबर की तस्वीरें बनाईं गईं तो मूर्तिपूजा को बढ़ावा मिलेगा जो कि इस्लाम के बुनियादी सिद्धांत के ख़िलाफ़ है. इस्लामी परंपरा का इस बारे में क्या मत है? हदीस (मोहम्मद साहब के जीवन के प्रसंगों का संग्रह) में अल्लाह, पैगंबर मोहम्मद और दूसरे पैगंबरों की तस्वीर न बनाने की सख़्त हिदायत दी गई है, इनमें ईसाई और यहूदी पैगंबर भी शामिल हैं. इतना ही नहीं, इस्लामी परंपरा में जानवरों और इंसानों के चित्र भी नहीं बनाए जाते, इसलिए इस्लामी कलाकृतियों में ज्यामितिक आकृतियाँ ही मुख्य रूप से होती हैं. कुछ मुसलमान इसे लेकर इतने आहत क्यों हैं? जो कार्टून प्रकाशित किए गए हैं उनमें से एक कार्टून में पैगंबर मोहम्मद की पगड़ी को बम की शक्ल में दिखाया गया है. मुसलमानों को लग रहा है कि उनके पैगंबर और उन्हें आतंकवादी के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है. बहुत बड़ी तादाद में मुसलमान ऐसा मानते हैं कि पश्चिमी देश उनसे दुश्मनी की भावना रखते हैं, ऐसे माहौल में एक पश्चिमी देश में इस तरह का कार्टून प्रकाशित होना उत्तेजना को और बढ़ा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें पैगंबर कार्टून मामले में संपादक बर्ख़ास्त02 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना कई अख़बारों ने विवादित कार्टून छापे01 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना कार्टून का असर खाड़ी में बिक्री पर31 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना पैगंबर मोहम्मद के 'कार्टून' पर आक्रोश30 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना घटती बिक्री से परेशान डैनिश कंपनी28 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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