BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 02 फ़रवरी, 2006 को 15:15 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
कार्टून विवाद पर शांति की अपील
पैगंबर मोहम्मद के कार्टूनों पर तीखी प्रतिक्रिया
मुस्लिम देशों में इस कार्टून पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है
डेनमार्क के प्रधानमंत्री एनर्स फ़ो रासमूसिन ने पैगंबर मोहम्मद साहब के कार्टून छापे जाने के मामले को शांत करने के लिए अरबी भाषा के टेलीविज़न पर आए.

और उन्होंने इसकी वजह से भावनाओं को ठेस पहुँचने के लिए एक बार फिर क्षमा माँगी. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए डेनमार्क की सरकार ज़िम्मेदार नहीं है.

डेनमार्क में ये कार्टून तीन महीने पहले - पहली बार छपे थे. इस हफ़्ते पाँच अन्य देशों के अख़बारों ने इन्हें छापा है जिस पर मुस्लिम जगत ने गहरी आपत्ति जताई है और इन कार्टूनों को पैगंबर मोहम्मद साहब की तौहीन माना है.

कुछ यूरोपीय अख़बारों में पैगंबर मोहम्मद साहब के कार्टून छापे जाने के विरोध में अनेक मुस्लिम देशों में प्रदर्शन हुए हैं.

पैगंबर मोहम्मद के कार्टून अख़बारों में छापने को लेकर बढ़ा विवाद अब यूरोप और मुस्लिम देशों के बीच एक कूटनीतिक संकट बनता जा रहा है.

इनमें से एक कार्टून में पैगंबर साहब को ऐसी पगड़ी पहने दिखाया गया है जो बम के आकार की है जिसमें पलीता सुलग रहा है.

यह विवाद इतना बढ़ गया कि फ़्राँस के “फ़्रांस्वा” अख़बार के एक संपादक को नौकरी से निकाल दिया गया और गुरुवार मध्य पूर्व में नॉर्वे को पश्चिमी तट में अपना दूतावास बंद करना पडा. वहाँ अल अक्सा शहीदी ब्रिगेड ने यूरोपीय इमारतों पर हमलों की धमकी दी है.

डेनमार्क ऐसा पहला देश बन गया है जिसने ग़ज़ा पट्टी और पश्चिमी तट में अपने नागरिकों से कहा है कि उनको जान का ख़तरा है और उन्हें वहाँ से निकल जाना चाहिए.

डेनमार्क के साथ कई मुसलिम देशों ने अपने कूटनीतिक संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं और इसीलिए डेनमार्क के प्रधानमंत्री शुक्रवार को इन देशों के नेताओं से मुलाक़ात कर रहे हैं.

गुरुवार को ब्रिटेन में बीबीसी टेलीविज़न ने कुछ समय के लिए मोहम्मद साहब पर बनाए कार्टूनों को ये कहते हुए दिखाया कि लोगों को ये समझने में आसानी होगी कि इस मसले पर इतनी तीखी प्रतिक्रिया क्यों हुई है.

लेकिन पूरी दुनिया में दिखने वाले बीबीसी वर्ल्ड टेलिविज़न के प्रबंधन ने कहा कि वो अपने मुस्लिम दर्शकों की भावनाओं का ख़्याल रखते हुए ये कार्टून नहीं दिखाना चाहेंगे.

विवाद

दरअसल, सारा विवाद तीन महीने पहले शुरू हुआ जब डेनमार्क के एक अख़बार युलाँस पोस्तेन ने मोहम्मद साहब के कार्टून छापे.

पैगंबर मोहम्मद के कार्टूनों पर तीखी प्रतिक्रिया

पैगंबर मोहम्मद के जो कार्टून छपे हैं उनमें से एक में उन्हें पगड़ी पहले दिखाया है जिसमें एक टाइम बम लगा है. इस तरह के चित्रों को इस्लामी संगठन पैगंबर मोहम्मद का अपमान बता रहे हैं. उसके बाद नॉर्वे की एक पत्रिका ने भी ये कार्टून छापे.

नतीजा था कई इस्लामी संगठनों का विरोध प्रदर्शन. बात इतनी बढ़ी कि डेनमार्क और नॉर्वे के लोगों के ख़िलाफ़ हमलों की धमकियाँ मिलने लगीं और इन देशों के सामान का कुछ मुसलिम राष्ट्रों में विरोध होने लगा.

डेनमार्क के अख़बार यूलाँस पोस्तेन के एक संपादक ने मुसलमानों से ये कहकर माफ़ी भी माँगी कि अगर पैगंबर मोहम्मद के कार्टूनों से उनकी धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं तो वो इसके लिए माफ़ी माँगते हैं, लेकिन इससे भी बात बनी नहीं.

इसके बाद आग में घी का काम किया यूरोप के कुछ अख़बारों के कार्टून छापने के काम ने. इस बुधवार को ये कार्टून छापने के बाद इन अख़बारों का कहना था कि वो प्रेस का आज़ादी को महत्वपूर्ण मानते हैं इसीलिए उन्होंने ये कार्टून फिर छापे.

लेकिन सऊदी अरब और फ़लस्तीनी इलाक़ों सहित कई इस्लामी देशों में इसका जमकर विरोध अब भी जारी है. हाल ही में डेनमार्क की कंपनी ने बताया कि उसके दूध उत्पाद मध्यपूर्व एशिया में बिकने बंद हो गए हैं.

मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने कहा है कि प्रेस की आज़ादी के नाम पर किसी धर्म की तौहीन नहीं की जानी चाहिए और इससे चरमपंथी ताकतें ही मज़बूत होंगी. इंडोनेशिया ने भी इसी तरह का बयान जारी किया है.

इस विवाद से यूरोप में एक नई बहस शुरू हो गई है कि जब कई फ़िल्मों, टीवी कार्यक्रमों और प्रेस में ईसा मसीह का मज़ाक उड़ाया जा चुका है तो यहाँ के उदारवादी समाज में सिर्फ़ मुसलमानों के लिए अलग पैमाना क्यों बनाया जाए और क्या ये सही होगा.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>