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'परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं होगा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि परमाणु कार्यक्रम विवाद सुलझाने के लिए यूरोपीय संघ के प्रस्ताव को ईरान स्वीकार नहीं करेगा अगर प्रस्ताव के तहत ईरान को अपना 'शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम' बंद करने के लिए कहा जाएगा. यूरोपीय संघ ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम रोकने के लिए विशेष पैकेज देने की योजना पर बातचीत कर रहा है. लेकिन महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि यूरोप का ये प्रस्ताव अर्थहीन है क्योंकि यूरोपीय देशों का रवैया अब भी 'औपनिवेशिक अतीत के शासकों' जैसा है. राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि धमकी के साए में कोई बातचीत नहीं हो सकती. ईरान कह चुका है कि ये योजना तभी कारगर होगी जब यूरोपीय संघ परमाणु प्रौद्योगिकी के ईरान के अधिकारों को मानेगा. प्रतिक्रिया ईरान को विशेष पैकेज देने की यूरोपीय संघ की योजना पर सतर्कता भरी प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए ने इस पैकेज को एक सकारात्मक क़दम बताया है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद अल बारादेई ने कहा है कि यूरोपीय संघ परमाणु कार्यक्रम रोकने के लिए ईरान को जो विशेष पैकेज देने पर विचार कर रहा है वो पैकेज साहसी और व्यापक होना चाहिए. उधर कुछ पश्चिमी देशों ने ईरान पर प्रतिबंध लगाने की संभावनाओं को खारिज नहीं किया है और इन देशों को अमरीका का पुरज़ोर समर्थन मिल रहा है. बैठक
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्य और जर्मनी सोमवार से लंदन में ईरान मुद्दे पर गहन विचार विमर्श के लिए इकट्ठा हो रहे हैं. पिछले कुछ समय से यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र कोशिश कर रहे हैं कि ईरान के मसले को शांतिपूर्वक निपटाया जाए. यूरोपीय संघ के साथ ईरान ने बातचीत का रास्ता खोल रखा है लेकिन अमरीका ने इस पूरे मामले में कड़ा रवैया अपनाया हुआ है. अमरीका का कहना है कि ईरान परमाणु प्रौद्योगिकी की आड़ में परमाणु हथियार बना रहा है और इस कारण ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगने चाहिए. ईरान इन आरोपों का खंडन करता है और उसका कहना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने भी इस पूरे मसले पर हस्तक्षेप करते हुए अमरीका से अपील की थी कि वो ईरान से सीधी बातचीत करे लेकिन अमरीकी विदेश मंत्रालय ने इस सुझाव को ख़ारिज कर दिया है. अमरीका का कहना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है और यह अमरीका और ईरान का द्विपक्षीय मुद्दा नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान मसले पर सुरक्षा परिषद में मतभेद06 मई, 2006 | पहला पन्ना ईरान की संसद ने दी धमकी07 मई, 2006 | पहला पन्ना ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा 08 मई, 2006 | पहला पन्ना बुश ने कहा, कूटनीति ही है पहला उपाय09 मई, 2006 | पहला पन्ना ईरान पर बैठक में सहमति नहीं बनी09 मई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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