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स्वास्थ्य संगठन का पोलियो अभियान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रविवार से अब तक का सबसे महात्वाकांक्षी पोलियो टीकाकरण अभियान पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर शुरू किया है. हज़ारों स्वास्थ्य कार्यकर्ता अगले कुछ दिनों में इस क्षेत्र के एक करोड़ 60 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएँगे. विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि यह अभियान ख़तरों से भरा है क्योंकि कई इलाक़ों से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को धमकियाँ मिलती रही हैं और कई बार उनका अपहरण भी हुआ है. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इस अभियान के बाद पोलियो वायरस सीमित रूप में नाइज़ीरिया और भारत में रह जाएगा. दो साल पहले उत्तरी नाइज़ीरिया में टीकाकरण अभियान बंद करने से पोलियो उन्मूलन अभियान संकट में पड़ गया था. इसके बाद पोलियो वायरस इससे मुक्त देशों में भी फैल गया था. अब विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि अभियान ठीक तरह से चल रहा है और जल्द ही दुनिया से इसका उन्मूलन हो सकेगा. भारत में बाधा पोलियो का जड़ से सफ़ाया करने के लिए ज़रूरी है कि सभी बच्चों को इसका टीका लगाया जाए अन्यथा कुछ बच्चों में छिपा वायरस तेज़ी से फैलने लगता है. भारत में पोलियो के सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश से सामने आते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में पोलियो के अधिक मामलों की वजह वहाँ की ग़रीबी, गंदगी और निरक्षरता है. राज्य के अधिकारियों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में ख़राब गुणवत्ता वाले टीकों की सप्लाई भी यहाँ पोलियो की रोकथाम में बाधक साबित हुई है. अधिकारियों का यह भी मानना है कि मुस्लिम समुदाय के लोग बच्चों को टीका लगवाने में काफ़ी हिचकते हैं. लोग इस अफ़वाह के चक्कर में आ जाते हैं कि पोलियो की दवा देकर सरकार उनके बच्चों की प्रजनन क्षमता ख़त्म कर देना चाहती है. | इससे जुड़ी ख़बरें टीकाकरण का बड़ा यूरोपीय अभियान09 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना ऐश्वर्या को पाकिस्तान आने का न्यौता22 अगस्त, 2005 | मनोरंजन भारत में पोलियो टीकाकरण अभियान21 नवंबर, 2004 | विज्ञान 'इस साल के अंत तक पोलियो का सफ़ाया'04 अगस्त, 2004 | विज्ञान उत्तर प्रदेश है पोलियो का गढ़ | भारत और पड़ोस पोलियो की चुनौती बरक़रार10 फ़रवरी, 2003 | विज्ञान पोलियो टीके से नपुंसकता?12 फ़रवरी, 2003 | विज्ञान इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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